झारखण्ड पुलिस मुहर्रम को लेकर अलर्ट, डीजीपी बोले-कानून व्यवस्था बिगड़ने पर संबंधित जिले के एसपी होंगे जिम्मेवार

 

राँची।मुहर्रम पर्व को लेकर झारखण्ड पुलिस अलर्ट है। पुलिस मुख्यालय के द्वारा मुहर्रम के जुलूस को लेकर विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।मुहर्रम के जुलूस में डीजे पर पूर्ण रूप से बैन लगाया गया है। साथ ही जुलूस में डीजे बजाने वालों पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।वहीं मुहर्रम के दौरान लॉ एंड ऑर्डर न बिगड़े इसके लिए सभी जिलों के एसपी को जरूरी कदम उठाने की बात कही गई है।

झारखण्ड पुलिस मुहर्रम को लेकर हाई अलर्ट पर है।बुधवार को राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय में मुहर्रम को लेकर एक हाई लेवल मीटिंग की।जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी आईजी, डीआईजी और सभी जिले के एसपी भी शामिल हुए। डीजीपी ने बैठक के दौरान सभी जिलों के एसपी को अपने जिलों में मुहर्रम को लेकर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया और जरूरी सुरक्षा उपाय करने के भी निर्देश दिए।डीजीपी ने बैठक के दौरान यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर उस जिले के एसपी ही जिम्मेवार होंगे।

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि वैसे जगहों पर जहां पूर्व में सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं, खास कर राँची, जमशेदपुर, पलामू, बोकारो, गिरिडीह, लोहरदगा, हजारीबाग में अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा रही है। उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश भी जिलों के एसपी को दिए गए हैं।सभी जिलों में शांति समिति की बैठक कर वॉलेंटियर चिन्हित किए गए हैं।असमाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है, थानों में बांड भरने की प्रक्रिया भी की जा रही है।

संवेदनशील स्थानों को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस पर रखा गया है।सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को निरोधात्मक कार्रवाई करने, जिलों में संभावित घटना वाले स्थलों पर बलों की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति करने और असंभावित घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।डीजीपी ने सुरक्षा बलों के लिए भोजन, आवासन, पानी आदि की पर्याप्त व्यवस्था करने, जिलों में दंगारोधी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता का सत्यापन करने, एंटी रॉयट कंट्रोल ड्रील की व्यवस्था करने, जिला और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें करने और नियंत्रण कक्ष से लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

असमाजिक तत्वों के द्वारा ट्वीटर (एक्स), फेसबुक, व्हाटसएप ग्रुप में अफवाह न फैलायी जाए इसके लिए सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को निर्देश दिया गया है कि वह सोशल मीडिया की निगरानी करें. अगर किसी तरह की अफवाह फैले तो तत्काल उसका सत्यापन करें. इसके लिए सभी जिलों में हॉट स्पाट भी चिन्हित किए गए है।वहां पुलिस बलों की भारी संख्या में तैनाती की गई है।साथ ही धर्मस्थलों के बाहर भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

डीजीपी ने जुलूस मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने, उन जगहों पर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ड्रोन से निगरानी रखने, जुलूस के मार्गों का भौतिक सत्यापन करने, जुलूस के साथ पर्याप्त मात्रा में बल की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया है।डीजीपी ने जुलूस मार्गों में पर्याप्त रोशनी और पब्लिक संबोधन सिस्टम की व्यवस्था करने, जुलूस के दौरान सभी पुलिस कर्मियों को बॉडी प्रोट्रेक्टर समेत अन्य दंगा नियंत्रण उपकरण के साथ प्रतिनियुक्ति करने, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था करने, जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने और डीजे और अन्य साउंड सिस्टम द्वारा उत्तेजक भड़काऊ गानों के प्रसारण पर रोक लगाने का निर्देश दिया।

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