रात में हत्या की आशंका, शाम 4 बजे खुला राज… राजस्व कर्मचारी के कत्ल में DVR और मोबाइल गायब होने से बढ़ा सस्पेंस..

 

राँची।राजधानी राँची में अपराधियों ने घर के अंदर राजस्व कर्मचारी की हत्या कर सनसनी फैला दी। नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार स्थित तेतरी टोली में अरगोड़ा अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा (38) का शव शनिवार को उनके घर के किचन में खून से लथपथ अवस्था में मिला। उनके मुंह पर तकिया रखा हुआ था। वारदात के बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और उनका मोबाइल फोन गायब मिलने से मामला और रहस्यमय हो गया है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के साथ-साथ गायब सामान और संभावित साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही नामकुम थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। बाद में एसडीएम कुमार रजत, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, डीएसपी मुख्यालय-प्रथम और अरगोड़ा अंचल के सीओ समेत अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। एफएसएल की टीम ने मौके से जरूरी नमूने और फिंगरप्रिंट जुटाए, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।करीब पांच घंटे की जांच पड़ताल के बाद रात 9 बजे शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया।

 

घर के किचन में मिला शव, मुंह पर रखा था तकिया
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीकांत मुंडा अपने जोरार स्थित तेतरी टोली वाले घर में अकेले रहते थे। शनिवार को अंचल के कर्मचारियों ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद शनिवार शाम करीब चार बजे अरगोड़ा अंचल के कर्मचारी विष्णुकांत भोक्ता उनके घर पहुंचे।घर का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाने पर उन्होंने किचन में लक्ष्मीकांत का शव पड़ा देखा। शव खून से लथपथ था और उनके मुंह पर तकिया रखा हुआ था। यह दृश्य देखकर विष्णुकांत ने तत्काल सीओ समेत अन्य लोगों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।हत्या किसी धारदार हथियार से मारकर की गई है।

CCTV का DVR और मोबाइल गायब, पुलिस के सामने कई सवाल

इस हत्याकांड में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और लक्ष्मीकांत का मोबाइल फोन गायब है। इन दोनों चीजों के गायब होने से पुलिस की जांच में कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर वारदात के बाद डीवीआर और मोबाइल कहां गए? क्या इन्हें अपराधी अपने साथ ले गए या इनके गायब होने के पीछे कोई दूसरी वजह है?पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है। डीवीआर में रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने की स्थिति और मोबाइल फोन से मिलने वाले संभावित सुराग मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। हालांकि, दोनों सामान किसने और किन परिस्थितियों में हटाए, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

शुक्रवार शाम हुई थी सीओ से बातचीत
बताया जाता है कि लक्ष्मीकांत मुंडा की शुक्रवार शाम अरगोड़ा अंचल के सीओ से बातचीत हुई थी। शनिवार को अंचल के कर्मचारियों ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कर्मचारी उनके घर पहुंचे, जहां हत्या का खुलासा हुआ।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शुक्रवार शाम बातचीत के बाद से शनिवार तक उनके साथ क्या हुआ। उनकी आखिरी बातचीत किन लोगों से हुई थी, घर पर किसी संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही हुई थी या नहीं और हत्या किस समय की गई, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

तीन साल से अरगोड़ा अंचल में कार्यरत थे लक्ष्मीकांत
लक्ष्मीकांत मुंडा पिछले करीब तीन वर्षों से अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से बुंडू के दलकीडीह के रहने वाले थे। उनके पिता पंचायत सेवक रह चुके हैं। लक्ष्मीकांत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।वर्ष 2006 में उन्होंने जोरार के तेतरी टोली में हंसराज वाधवा उच्च विद्यालय के समीप जमीन लेकर घर बनाया था। वह इसी घर में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी और करीब डेढ़ से दो वर्ष की बेटी सरायकेला में रहती हैं। उनकी पत्नी डाक विभाग में कार्यरत हैं।

स्थानीय लोगों से कम रखते थे बातचीत
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, लक्ष्मीकांत सीधे-सादे स्वभाव के थे और अपने काम से काम रखते थे। वह आसपास के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। इस कारण उनके निजी जीवन और गतिविधियों के बारे में स्थानीय लोगों को बहुत अधिक जानकारी नहीं थी।पुलिस उनके परिचितों, सहकर्मियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़े सुराग जुटाने में लगी है।

आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और अपराधी किस रास्ते से आए तथा किस ओर निकले। घर का डीवीआर और मोबाइल गायब होने के कारण आसपास लगे दूसरे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इन फुटेज से संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाने में मदद मिल सकती है।हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, आपसी विवाद, लूटपाट या कामकाज से जुड़ा कोई विवाद होने की संभावना समेत विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घटनास्थल पर पहुंचे माता-पिता, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलने पर सबसे पहले लक्ष्मीकांत की बहन और साली तेतरी टोली पहुंचीं। कुछ देर बाद बुंडू से उनके माता-पिता भी वहां पहुंचे। बेटे का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। माता-पिता और बहन बार-बार बेसुध हो रहे थे। मौके पर मौजूद लोग उन्हें संभालने में जुटे रहे।

 

शुक्रवार की रात हत्या की आशंका, शनिवार शाम चार बजे खुला मामला..!

राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या कब हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, घटनास्थल पर खून सूख जाने के कारण आशंका जताई जा रही है कि वारदात शुक्रवार की रात ही हुई होगी। लेकिन इस संभावना की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि हत्या शुक्रवार की रात हुई थी, तो शनिवार सुबह से दोपहर तक किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल पाई? क्या लक्ष्मीकांत से संपर्क करने की कोशिश नहीं हुई या फिर फोन करने के बावजूद उनसे बात नहीं हो सकी? उनकी पत्नी और बेटी सरायकेला में रहती हैं, जबकि वह खुद राँची स्थित अपने घर में अकेले थे। ऐसे में सुबह से लेकर दोपहर तक उनकी किसी परिजन या परिचित से बातचीत हुई थी या नहीं, यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को अरगोड़ा अंचल के कर्मचारियों ने लक्ष्मीकांत को फोन किया था, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद शाम करीब चार बजे अंचल के कर्मचारी विष्णुकांत भोक्ता उनके घर पहुंचे। दरवाजा खुला होने पर जब वह अंदर गए, तो किचन में लक्ष्मीकांत का खून से लथपथ शव मिला। इसी के बाद हत्या की जानकारी सामने आई और पुलिस को सूचना दी गई।

अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि हत्या शुक्रवार की रात हुई या शनिवार को किसी अन्य समय। लक्ष्मीकांत के मोबाइल फोन के गायब होने से भी जांच महत्वपूर्ण हो गई है। उनकी आखिरी कॉल, फोन पर हुई बातचीत और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों से वारदात के समय का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
राजधानी में एक राजस्व कर्मचारी की घर के अंदर हत्या और फिर सीसीटीवी का डीवीआर तथा मोबाइल फोन गायब मिलने से मामला गंभीर हो गया है। पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या किसने और क्यों की, तथा वारदात के बाद डीवीआर और मोबाइल फोन कहां गायब हो गए। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही हत्याकांड की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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