जगन्नाथपुर रथ मेला 2026: 1.25 करोड़ के बकाए और फर्जीवाड़े के आरोप में मेला संचालक पर धुर्वा थाने में प्राथमिकी दर्ज
–झूठे आश्वासन पर व्यावसायिक लाभ लेने और मियाद खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से मेला चलाने का आरोप
राँची।ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला-2026 के संचालक मेसर्स आर.एस. एंटरप्राइजेज और उसके प्रोपराइटर राजेश चंद्र के खिलाफ सवा करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन करने, कथित छलपूर्ण आश्वासन देने और अनधिकृत रूप से मेला संचालन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के सचिव प्रसन्न कुमार ने धुर्वा थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।आवेदन को न्यास समिति के अध्यक्ष एन.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष-सह-प्रथम सेवायत ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव सहित सभी प्रमुख पदाधिकारियों का संयुक्त समर्थन प्राप्त है।धुर्वा थाना को दिए गए आवेदन के अनुसार, वर्ष 2026 के रथ मेला संचालन के लिए खुली निविदा आमंत्रित की गई थी. इसमें पश्चिम मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) के चंद्रकोना रोड स्थित मेसर्स आर.एस. एंटरप्राइजेज ने 2,27,12,112 रुपये की उच्चतम बोली लगाकर संचालन का अधिकार प्राप्त किया था. इसके आधार पर प्रतिष्ठान को 16 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक संचालन हेतु कार्यादेश निर्गत किया गया था
आश्वासन देकर व्यावसायिक लाभ उठाया, सवा करोड़ बकाया रखा
शर्तों के मुताबिक कुल राशि का 50 फीसदी बैंक ड्राफ्ट और शेष 50 फीसदी बैंक गारंटी के रूप में 25 जुलाई तक जमा करना अनिवार्य था। आरोप है कि 9 जुलाई को संचालक राजेश चंद्र ने न्यास समिति के सामने दावा किया कि शेष राशि का बैंक ड्राफ्ट और बैंक गारंटी बैंक से तैयार करवा ली गई है, जिसे उनके सदस्य बंगाल से लेकर आ रहे हैं. इस भरोसे पर संचालक ने मेले में झूले, दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से भारी कमाई की, लेकिन कथित ड्राफ्ट कभी जमा नहीं कराया।ईएमडी समायोजन के बावजूद न्यास समिति का 1,25,11,112 रुपये (एक करोड़ पच्चीस लाख ग्यारह हजार एक सौ बारह रुपये) का संविदात्मक भुगतान बकाया रह गया।
नोटिस की अनदेखी और अवधि समाप्त होने पर भी अवैध संचालन
न्यास समिति की ओर से बकाए भुगतान को लेकर 19 जुलाई, 23 जुलाई और 24 जुलाई को लगातार कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी पत्र भेजे गए, लेकिन संचालक ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।इतना ही नहीं, कार्यादेश के अनुसार मेले की अधिकृत अवधि 25 जुलाई 2026 को समाप्त हो चुकी थी और कोई सेवा विस्तार नहीं दिया गया था. इसके बावजूद 26 जुलाई को भी संचालक द्वारा अवैध रूप से मेला जारी रखकर आम जनता से पैसे वसूले गए।इसके डिजिटल साक्ष्य, वीडियो और तस्वीरें पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई है।न्यास समिति के सचिव ने स्पष्ट किया है कि बकाए की वसूली के लिए दीवानी प्रक्रिया अलग से अपनाई जा रही है, परंतु आरंभ से ही गलत मंशा रखने, झूठे आश्वासन देकर न्यास को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और आपराधिक विश्वासघात करने के मामले में यह कानूनी प्राथमिकी की मांग की गई है।मामले में पुलिस से त्वरित अनुसंधान कर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है।

