उपचुनाव में BJP का महाविजय…नंदीग्राम में 1.22 लाख, रेजिनगर में 75 हजार वोटों से जीत; असम में भी बड़ा धमाका, कांग्रेस-विपक्ष को करारा झटका

–पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के नतीजों से चार राज्यों में सियासी हलचल; बंगाल में बीजेपी का दबदबा, असम में 1.66 लाख वोटों से जीत, तमिलनाडु में विजय की TVK और पुडुचेरी में NDA सहयोगी की भी बड़ी कामयाबी

नई दिल्ली/कोलकाता। उपचुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में नया सियासी संदेश दिया है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने नंदीग्राम और रेजिनगर में शानदार जीत दर्ज कर विपक्ष को बड़ा झटका दिया है। असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी बीजेपी उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने 1,66,134 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। दूसरी ओर, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK ने दोनों विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि पुडुचेरी में NDA की सहयोगी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) ने जीत दर्ज की।

चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के इन उपचुनावों ने अलग-अलग राजनीतिक दलों की ताकत का आकलन करने का मौका दिया है। बंगाल और असम के नतीजों से बीजेपी उत्साहित है, वहीं तमिलनाडु में TVK की सफलता ने मुख्यमंत्री विजय की राजनीतिक पकड़ को मजबूती दी है।

नंदीग्राम में 1.22 लाख वोटों से जीत, हसीरानी रथ ने रचा इतिहास

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के विशाल अंतर से हराया। उपलब्ध नतीजों के अनुसार, हसीरानी रथ को 1,64,427 वोट मिले, जबकि मिलन प्रधान को 41,674 वोट हासिल हुए।हसीरानी रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। नंदीग्राम बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण सीट रही है। यहां बीजेपी की इतनी बड़ी जीत ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
इस परिणाम को बीजेपी अपनी राजनीतिक ताकत और विपक्ष की कमजोरियों के रूप में पेश कर सकती है।

मुस्लिम बहुल रेजिनगर में भी BJP का बड़ा उलटफेर
रेजिनगर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी उम्मीदवार शंखराव सरकार ने करीब 75 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी आबादी वाली इस सीट पर बीजेपी की सफलता ने बंगाल की राजनीति में खास ध्यान खींचा है।
रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने विधानसभा चुनाव में रेजिनगर और नउदा दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में रेजिनगर सीट छोड़ दी। उपचुनाव में उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह बीजेपी के शंखराव सरकार को चुनौती नहीं दे सके।इस नतीजे ने बीजेपी को बंगाल में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का अवसर दिया है। वहीं, विपक्षी दलों के सामने अपने मतदाताओं को एकजुट रखने की चुनौती और बढ़ गई है।

असम के नगांव में BJP का धमाका, 1.66 लाख वोटों से जीत
असम की नगांव लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने बड़ा अंतर हासिल किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 6,87,110 वोट मिले, जबकि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल को 5,20,976 वोट प्राप्त हुए।इस तरह देवाशीष शर्मा ने 1,66,134 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा को 1,22,941 वोट मिले।नगांव में बीजेपी की इस जीत ने पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त दी है। बंगाल में दो विधानसभा सीटें और असम में लोकसभा सीट जीतने से बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

SIR के मुद्दे पर विपक्ष को झटका?
चुनाव परिणामों के बाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। अब बीजेपी इन नतीजों को अपने पक्ष में जनसमर्थन के तौर पर पेश कर सकती है।

तमिलनाडु में विजय की TVK का जलवा, दोनों सीटों पर जीत
जहां बंगाल और असम में बीजेपी ने जीत का परचम लहराया, वहीं तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने दोनों विधानसभा सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई।

धारापुरम में 9,471 वोटों से जीत: TVK उम्मीदवार पी. सत्याबामा ने डीएमके की एस. सुगन्या को 9,471 वोटों से हराया।
मदुरांतकम में 19,241 वोटों से जीत: TVK उम्मीदवार के. मरगथम कुमारवेल ने 19,241 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
दोनों सीटों पर जीत से TVK को राजनीतिक मजबूती मिली है। इन परिणामों से यह भी स्पष्ट होता है कि उपचुनावों में मतदाताओं का रुख हर राज्य में अलग रहा।

पुडुचेरी में NDA सहयोगी AINRC की जीत
पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के उम्मीदवार अशोक आनंद ने कांग्रेस प्रत्याशी ई. विनायगम को 8,482 वोटों से हराया।निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अशोक आनंद को 13,358 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 4,876 वोट प्राप्त हुए। डीएमके के के. सेथु 2,664 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। AINRC की इस जीत को मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली सरकार और NDA के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्ष के लिए आत्ममंथन का वक्त, BJP के लिए जश्न का मौका
चार राज्यों के इन नतीजों ने एक साथ कई राजनीतिक संदेश दिए हैं। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने नंदीग्राम और रेजिनगर में बड़ी जीत हासिल की, जबकि असम में नगांव लोकसभा सीट पर पार्टी ने भारी अंतर से सफलता दर्ज की। दूसरी ओर, तमिलनाडु में TVK ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की और पुडुचेरी में AINRC ने अपनी ताकत दिखाई।बीजेपी के लिए बंगाल और असम के नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं। खासकर रेजिनगर जैसी सीट पर जीत ने पार्टी को अपने जनाधार के विस्तार का दावा करने का अवसर दिया है। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को अपनी चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क की समीक्षा करनी होगी।कुल मिलाकर, उपचुनावों में बीजेपी ने बंगाल और असम में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है, जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी में क्षेत्रीय तथा गठबंधन की राजनीति का प्रभाव दिखाई दिया। इन परिणामों का व्यापक असर आने वाले चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों में देखने को मिल सकता है।

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