5 लाख की सुपारी, 12 राउंड फायरिंग और फिर पुलिस से मुठभेड़… जमशेदपुर बिंदल मॉल गोलीकांड की पूरी कहानी

 

जमशेदपुर।शहर के सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडिपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना की परतें अब खुलने लगी हैं। दिनदहाड़े रेस्टोरेंट में करीब 12 राउंड गोलियां चलाकर चार लोगों को घायल करने के मामले में पुलिस ने कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पुलिस के सामने सबसे अहम बात यह आई है कि वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये में डील हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुपारी की रकम किसने तय की, किसके माध्यम से शूटरों तक पहुंची और इस पूरी साजिश के पीछे वास्तविक मास्टरमाइंड कौन है।

जमशेदपुर एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारीब ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 26 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे बिंदल मॉल के रेस्टोरेंट में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशान उर्फ दानिश और कृष्णा चौधरी को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। अचानक हुई गोलीबारी से रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई थी। हमले में चारों घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था।

बाइक से पहुंचे थे शूटर, ताबड़तोड़ बरसाई गोलियां
पुलिस जांच के मुताबिक हमलावर पहले से पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के संपर्कों को खंगालना शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।शुरुआत में पुलिस ने फरार शूटरों की तस्वीरें जारी कर उनकी गिरफ्तारी के लिए एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।

रायपुर तक पहुंची पुलिस की जांच
गोलीकांड के बाद पुलिस ने साजिश में शामिल बताए जा रहे आरोपियों की गतिविधियों की कड़ी जोड़नी शुरू की। जांच के दौरान टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपू ओझा समेत चार कथित साजिशकर्ताओं को छत्तीसगढ़ में रायपुर के पास टोल प्लाजा से पकड़ा गया था। बताया गया कि वारदात के बाद आरोपी शहर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। रास्ते में एक वाहन खराब होने के बाद वे दूसरे वाहन से आगे बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा केवल शूटरों तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि गोलीकांड की साजिश किसने रची और शूटरों को किसने संसाधन मुहैया कराए।

मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल गिरफ्तार
जांच के आगे बढ़ने पर पुलिस ने कथित मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल को गिरफ्तार किया। दोनों को पुलिस ने बिंदल मॉल फायरिंग में मुख्य भूमिका निभाने वाला बताया है। इनके अलावा अविनाश ठाकुर, रुपेश सिंह, ओम सिंह उर्फ ओम बच्चा समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, इन लोगों की भूमिका साजिश रचने, अपराधियों को संरक्षण देने और वारदात के बाद फरार होने में मदद करने से जुड़ी रही है।

5 लाख रुपये में हुई थी डील
पूछताछ में पुलिस को गोलीकांड के पीछे सुपारी की बात सामने आने की जानकारी मिली है। एसएसपी के अनुसार, हत्या के लिए पांच लाख रुपये में डील हुई थी। अब पुलिस इस रकम के लेनदेन और सुपारी देने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के सामने यह भी अहम सवाल है कि चार लोगों को निशाना बनाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। शुरुआती जांच में गैंग वर्चस्व, रेलवे ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़े विवाद जैसे एंगल की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी एक वजह को अंतिम कारण नहीं माना है।

जंगल में छिपाए थे वारदात में इस्तेमाल हथियार
पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार मरीन ड्राइव स्थित फागुबाबा आश्रम/श्मशान घाट के पीछे झाड़ियों में छिपाए गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों को लेकर हथियार बरामद करने वहां पहुंची।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर हथियार बरामद भी किए गए। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम से बच निकलने की कोशिश की।

पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश, फिर हुई फायरिंग

हथियार बरामदगी के दौरान अजीत मंडल ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का सर्विस हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, चेतावनी के बावजूद आरोपियों ने पुलिस टीम पर करीब तीन राउंड फायरिंग की।इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से फायरिंग के दौरान अजीत मंडल और मोहन यादव के पैर में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में पुलिस अभिरक्षा में एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार बरामद किए हैं।

पहले से हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी, मारपीट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं।मोहन यादव का नाम सोनारी के चर्चित अमित राय हत्याकांड में भी सामने आया था। इस मामले में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं अजीत मंडल को उसी मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत से बरी किया गया था। बिंदल मॉल गोलीकांड के बाद दोनों का नाम एक बार फिर बड़े आपराधिक मामले में सामने आया है।

अविनाश के पास मिली लोडेड पिस्टल और बाइक
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अविनाश ठाकुर के पास से 9 एमएम की लोडेड पिस्टल, अतिरिक्त लोडेड मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल की गई टीवीएस मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा पुलिस ने कुल तीन पिस्टल, छह जिंदा गोलियां, दो मोबाइल फोन और एक राउटर समेत अन्य सामान बरामद किए हैं।

अब मास्टरमाइंड और हथियार सप्लायर की तलाश

पुलिस की कार्रवाई से गोलीकांड में शामिल शूटरों और कथित साजिशकर्ताओं का नेटवर्क सामने आया है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पांच लाख रुपये की सुपारी किसने दी, रकम का भुगतान किस माध्यम से हुआ, हथियार कहां से आए और इस पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।पुलिस पुराने आपराधिक नेटवर्क, गैंग कनेक्शन और वारदात से जुड़े आर्थिक विवादों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।

 

error: Content is protected !!