रील बनाने के दौरान नदी में बही 13 साल की बच्ची, 200 मीटर दूर चट्टान में फंसा मिला शव
जमशेदपुर। जिउतिया पर्व पर जिस घर में बच्चों की सलामती की दुआएं मांगी जा रही थीं, वहां एक दर्दनाक हादसे ने मातम पसार दिया। साकची थाना क्षेत्र के गांधी घाट पर मोबाइल से वीडियो बनाने के दौरान सुवर्णरेखा नदी के तेज बहाव में बही 13 वर्षीय पूनम कुमारी उर्फ पूजा का शव रविवार सुबह स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। हादसे में उसकी बहन आयुषी उर्फ ज्योति भी नदी में बह गई थी, जिसे सुरक्षित निकाल लिया गया था और उसका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है।
रविवार सुबह करीब 9.30 बजे प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय गोताखोरों की टीम गांधी घाट पहुंची। साकची, मानगो और सीतारामडेरा थाना प्रभारी की मौजूदगी में गोताखोर नदी में उतरे। करीब 45 मिनट तक तलाश के बाद बच्ची का शव घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर निर्माणाधीन पुल के पास पानी के भीतर एक बड़ी चट्टान में फंसा मिला।
पानी के अंदर दिखा बच्ची का हाथ, फिर शुरू हुआ रेस्क्यू
गोताखोरों के मुताबिक, तलाश के दौरान पानी के भीतर चट्टान के पास बच्ची का हाथ हल्का दिखाई दिया। इसके बाद दो गोताखोर गहरे पानी में उतरे और चट्टान के बीच फंसे शव को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। बच्ची के शव का पता चलने की जानकारी पहले प्रशासन को दी गई और फिर सावधानीपूर्वक उसे नदी से बाहर निकाला गया।शव बाहर आते ही घाट पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बेटी का शव देखते ही मां राखी देवी बेसुध होकर रोने लगीं। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। हालांकि, परिजन पोस्टमार्टम कराने का विरोध कर रहे थे।
बहन एमजीएम में भर्ती, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में पूनम के साथ उसकी बहन आयुषी उर्फ ज्योति भी नदी के तेज बहाव में बह गई थी। हालांकि उसे समय रहते नदी से बाहर निकाल लिया गया। आयुषी का एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक बेटी की मौत और दूसरी के अस्पताल में भर्ती होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घाट पर पहुंचे बन्ना गुप्ता, गोताखोरों की मदद की
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता भी गांधी घाट पहुंचे। उन्होंने बच्ची का शव तलाशने और उसे नदी से बाहर निकालने वाले स्थानीय गोताखोरों के साहस और मानवीय प्रयास की सराहना की तथा उन्हें आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा कि किसी परिवार के लिए बच्चे को खो देना सबसे बड़ा दुख होता है।
सरयू राय ने जताया शोक, तत्काल रेस्क्यू टीम बनाने की मांग
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बच्ची की मौत पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तत्परता और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्ची का शव बरामद किया जा सका। उन्होंने एमजीएम में भर्ती दूसरी बच्ची का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की बात कही।सरयू राय ने कहा कि नदी या अन्य जलस्रोतों पर होने वाली ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तत्काल सहायता एवं रेस्क्यू टीम गठित की जानी चाहिए, ताकि हादसे की सूचना मिलते ही टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच सके।

