देह व्यापार से जुड़े 14 केस रडार पर,एसएसपी ने विशेष अधिकारी को सौंपी जांच की कमान…
राँची। राजधानी राँची में अनैतिक देह व्यापार से जुड़े मामलों की जांच अब विशेष पुलिस पदाधिकारी की निगरानी में होगी। अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 की धारा 13(1) में निहित प्रावधानों के तहत राँची जिले में दर्ज 14 कांडों के अनुसंधान के लिए विशेष पुलिस पदाधिकारी को नामित किया गया है। इसके लिए इंस्पेक्टर स्तर से निम्न स्तर के नहीं होने वाले विशेष पुलिस पदाधिकारी को नामित किए जाने का प्रावधान है।
जारी आदेश के अनुसार, राँची जिला नगर क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज इन मामलों के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुनि सह थाना प्रभारी, चुटिया थाना, को दी गई है। आदेश में अलग-अलग थानों में दर्ज कुल 14 मामलों की सूची भी जारी की गई है।
चुटिया में सबसे ज्यादा छह मामले
आदेश में शामिल मामलों में सबसे ज्यादा छह कांड चुटिया थाना के हैं। इनमें कांड संख्या 172/21, 216/22, 144/24, 204/24, 03/25 और 28/26 शामिल हैं। इन मामलों में अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय दंड संहिता, बीएनएस और कुछ मामलों में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।इसके अलावा अरगोड़ा थाना के दो, बरियातू का एक, सुखदेवनगर का एक, सदर का एक और लालपुर थाना के दो मामलों को भी विशेष अनुसंधान के लिए सूची में शामिल किया गया है।
2019 से 2026 तक के मामले शामिल
सूची में सबसे पुराना मामला एएचटीयू थाना कांड संख्या 02/19, दिनांक 18 जुलाई 2019 का है। इस मामले में भादवि की धारा 370 के साथ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा 4/5/6 लगाई गई है।वहीं सूची में सबसे हालिया मामला चुटिया थाना कांड संख्या 28/26, दिनांक 1 मार्च 2026 का है। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3/4/5/7 लगाई गई है।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हैं मामले
सूची में शामिल मामलों में मानव तस्करी, धोखाधड़ी, मारपीट, पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के साथ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। कुछ मामलों में एक से अधिक कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज है।
पुलिस के इस आदेश के बाद इन सभी मामलों के अनुसंधान को निर्धारित विशेष पुलिस पदाधिकारी के स्तर से आगे बढ़ाया जाएगा। आदेश का उद्देश्य अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में आवश्यक कार्रवाई और अनुसंधान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना है।

