तीन साल पुराने केसों का होगा हिसाब, एसएसपी ने तेज किया लंबित कांडों के निपटारे का अभियान
धनबाद।पुराने और लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर पुलिस अब गंभीरता से कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है। शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने डीएसपी विधि व्यवस्था कार्यालय का निरीक्षण कर लंबित कांडों, वारंटों और न्यायालय से जुड़े मामलों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का स्पष्ट निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान डीएसपी विधि व्यवस्था प्रकाश सोय, संबंधित थाना प्रभारी और कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। एसएसपी ने कार्यालय के अलग-अलग कक्षों और शाखाओं का जायजा लिया और वहां रखी संचिकाओं, केस से जुड़े अभिलेखों तथा लंबित मामलों की प्रगति की जानकारी ली।
पुराने केसों की होगी प्राथमिकता से समीक्षा
एसएसपी ने विशेष रूप से वर्ष 2023 तक लंबित सभी कांडों को चिह्नित कर उनके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों की नियमित समीक्षा हो और अनुसंधान के दौरान आ रही तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।उन्होंने सुपरविजन रिपोर्ट, केस डायरी, चार्जशीट, अंतिम प्रतिवेदन समेत अनुसंधान से जुड़े सभी दस्तावेजों को समय पर तैयार और अद्यतन रखने का निर्देश दिया।
वारंटों के निष्पादन पर भी फोकस
निरीक्षण के दौरान लंबित वारंटों को लेकर भी एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वारंटों की नियमित समीक्षा की जाए और संबंधित थाना प्रभारी व अनुसंधान पदाधिकारी उनके निष्पादन के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और न्यायालय से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
सिर्फ पुराने नहीं, नए मामलों के अनुसंधान पर भी नजर
एसएसपी ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि पुराने मामलों के निष्पादन के साथ वर्तमान मामलों के अनुसंधान की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। कार्यालय स्तर पर लंबित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, थाना से आने वाले प्रतिवेदनों की समयबद्ध समीक्षा और अभिलेखों को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया।
एसएसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कांड, वारंट और न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों में तेजी लाते हुए सभी कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन को लेकर पुलिस स्तर पर लगातार निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी।

