नेपाल में MBBS सीट का सपना दिखाया, 8.25 लाख लेकर गायब हुई काउंसलर,राँची में FIR
राँची। बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना लेकर मेडिकल कॉलेज में दाखिले की तलाश कर रहे राँची के एक कारोबारी को करियर काउंसलर पर भरोसा करना महंगा पड़ गया। नेपाल के मेडिकल कॉलेज में दाखिला और बाद में मेडिकल सीट ट्रांसफर कराने का भरोसा देकर हरियाणा की एक महिला संचालिका ने उनसे 8.25 लाख रुपये ले लिए। रकम देने के बावजूद न दाखिला हुआ और न पैसे वापस मिले। लगातार टालमटोल के बाद अब मामला पुलिस तक पहुंच गया है।
डोरंडा थाना क्षेत्र के हिनू निवासी मनोज प्रसाद ने इस संबंध में थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के जींद स्थित ‘करियर प्रोवाइडर्स’ की संचालिका कामिनी आशरी उर्फ कामिनी शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायत के अनुसार, मनोज प्रसाद अपनी बड़ी बेटी शिवांगी का नेपाल के मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराना चाहते थे। इसी दौरान उनका संपर्क करियर प्रोवाइडर्स की संचालिका कामिनी शर्मा से हुआ। महिला ने नेपाल के नोबेल मेडिकल कॉलेज में रजिस्ट्रेशन कराने और सीट पक्की कराने का भरोसा दिलाया।
महिला की बातों पर भरोसा कर मनोज प्रसाद ने 13 फरवरी 2023 को 5 लाख रुपये कोटक महिंद्रा बैंक, राँची के माध्यम से आरोपी के एक्सिस बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी बेटी का दाखिला नहीं हुआ। जब उन्होंने रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसे लौटाने के बजाय अलग-अलग बहाने बनाकर समय बढ़ाना शुरू कर दिया।
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मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शिकायत में आरोप है कि कुछ समय बाद महिला ने दावा किया कि बड़े रसूखदार लोगों से उसकी सीधी पहुंच है और वह छात्रा का मेडिकल ट्रांसफर भी करवा सकती है। इसके लिए उसने 3.25 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे।आरोपी के भरोसे में आकर मनोज प्रसाद ने 21 अक्टूबर 2025 को 3 लाख रुपये एसबीआई की हिनू शाखा के अपने खाते से और 27 अक्टूबर 2025 को 25 हजार रुपये पेटीएम के जरिए आरोपी के खाते में भेज दिए।इस तरह दाखिले और ट्रांसफर के नाम पर कुल 8 लाख 25 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
60-70 कॉल, दर्जनों मैसेज… हर बार मिली नई तारीख
रकम देने के बाद भी न दाखिला हुआ और न ट्रांसफर। इसके बाद मनोज प्रसाद ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की। उनका आरोप है कि उन्होंने आरोपी महिला को करीब 60 से 70 बार फोन किया और दर्जनों मैसेज भेजे, लेकिन हर बार उन्हें नई तारीख और नया आश्वासन देकर टाल दिया गया।लगातार इंतजार और संपर्क के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ित ने मामले की छानबीन शुरू की। शिकायत में दावा किया गया है कि इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी महिला पर हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी छात्रों और अभिभावकों के साथ कथित ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।
डोरंडा थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल कॉल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि मेडिकल दाखिले के नाम पर रकम लेने के पीछे केवल आरोपी महिला की भूमिका थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है।

