Ranchi:सिल्ली-बोकारो रेलखंड पर बड़ा हादसा टला, श्रावणी मेला स्पेशल का कोच पटरी से उतरा…

 

राँची। सिल्ली-बोकारो रेलखंड पर शनिवार देर रात उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं से भरी 08895 इतवारी-मधुपुर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का एक कोच अचानक पटरी से उतर गया। घटना के वक्त ट्रेन में बड़ी संख्या में कांवड़िए और अन्य श्रद्धालु सवार थे। राहत की बात यह रही कि कोच के बेपटरी होने के बावजूद किसी यात्री के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब ढाई बजे सिल्ली-बोकारो रेलखंड पर पोल संख्या 354/SA4 के पास हुई। बताया जा रहा है कि ट्रेन के इंजन से तीसरा कोच, जिसका नंबर SEC 64776 बताया गया है, अचानक बेपटरी हो गया। तेज आवाज के साथ कोच के पटरी से उतरते ही ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि ट्रेन की रफ्तार और घटना की परिस्थितियों के बारे में रेलवे की ओर से विस्तृत तकनीकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

तेज आवाज के बाद यात्रियों में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्ष प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रेन सामान्य रूप से मधुपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक जोरदार आवाज हुई और एक कोच के पटरी से उतरने का पता चला। ट्रेन में उस समय बड़ी संख्या में कांवड़िए मौजूद थे, जो श्रावणी मेला के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहे थे।घटना के बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई। हालांकि रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बलों ने तत्काल स्थिति को संभाला। यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन से बाहर निकाला गया और किसी तरह की भगदड़ या गंभीर दुर्घटना होने से बचा लिया गया।

रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। हटिया मंडल के रेल अधिकारी, आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने बेपटरी हुए कोच को वापस पटरी पर लाने का काम शुरू किया।रेलवे कर्मचारियों ने तकनीकी उपकरणों की मदद से कोच को दोबारा पटरी पर चढ़ाया। इसके बाद सुरक्षा कारणों से संबंधित कोच को मुरी यार्ड में ले जाकर खड़ा कराया गया। बताया जा रहा है कि क्षतिग्रस्त अथवा प्रभावित रेल पटरी की जांच और मरम्मत का काम भी तत्काल शुरू कर दिया गया था।

करीब ढाई घंटे तक प्रभावित रहा रेल परिचालन
कोच के बेपटरी होने के बाद रेलखंड पर परिचालन प्रभावित हुआ। इस कारण इस मार्ग से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों को नियंत्रित करने, रोकने अथवा उनके मार्ग में बदलाव करने की स्थिति बनी। रेलवे की तकनीकी और परिचालन टीमों ने रातभर काम करते हुए ट्रैक को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मरम्मत और सुरक्षा जांच का काम सुबह करीब 5:15 बजे पूरा कर लिया गया, जिसके बाद रेल यातायात को दोबारा बहाल कर दिया गया। हालांकि घटना के कारण प्रभावित ट्रेनों के समय पर कितना असर पड़ा, इसकी विस्तृत सूची रेलवे की ओर से जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

श्रावणी मेला के कारण ट्रेन में थी भारी भीड़
08895 इतवारी-मधुपुर श्रावणी मेला स्पेशल का परिचालन इसी समय बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जा रहा है। रेलवे ने सावन में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इस ट्रेन को विशेष रूप से चलाने का निर्णय लिया है।

रेलवे की घोषित समय-सारिणी के अनुसार 08895 इतवारी-मधुपुर स्पेशल 1 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक प्रत्येक शनिवार इतवारी से चल रही है और अगले दिन मधुपुर पहुंचती है। वापसी में 08896 मधुपुर-इतवारी स्पेशल 2 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रत्येक रविवार संचालित की जा रही है। यह ट्रेन राँची, मुरी, बोकारो, धनबाद और चित्तरंजन जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के रास्ते मधुपुर जाती है।

इस ट्रेन का संचालन श्रावणी मेला के दौरान छत्तीसगढ़ और झारखण्ड सहित कई क्षेत्रों से बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए किया गया है। रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन को कुल पांच फेरों के लिए चलाने की घोषणा की है।

बड़ा हादसा टलने से यात्रियों ने ली राहत की सांस
कोच के पटरी से उतरने की घटना ने ट्रेन में सवार यात्रियों को कुछ समय के लिए दहशत में डाल दिया। खासकर बड़ी संख्या में कांवड़ियों के मौजूद होने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती थी। लेकिन कोच के बेपटरी होने के बावजूद किसी यात्री के घायल नहीं होने से रेलवे और यात्रियों ने राहत की सांस ली।घटना के बाद रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा, बेपटरी कोच को हटाना और ट्रैक को जल्द से जल्द परिचालन योग्य बनाना रही। रेलवे कर्मचारियों ने रात में ही राहत एवं बहाली कार्य शुरू कर दिया और कुछ घंटों के भीतर रेल यातायात बहाल कर दिया गया।

हादसे की तकनीकी वजह की जांच जरूरी
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर कोच पटरी से क्यों उतरा। क्या ट्रैक में कोई तकनीकी खराबी थी, पटरी या प्वाइंट में समस्या थी, कोच के व्हील या अंडर-गियर में कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई या किसी अन्य कारण से यह घटना हुई—इसका स्पष्ट जवाब रेलवे की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।
रेलवे की ओर से इस तरह की घटनाओं में आम तौर पर ट्रैक, कोच के पहियों, सस्पेंशन, अंडर-गियर, रेल ज्वाइंट और संबंधित सेक्शन की तकनीकी स्थिति की जांच की जाती है। इसलिए जांच रिपोर्ट के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की तस्वीर साफ होगी।

श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों पर बढ़ा है दबाव
सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। इसी को देखते हुए रेलवे ने इस वर्ष कई श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं। रेलवे की घोषित योजना में इतवारी-मधुपुर स्पेशल के अलावा राँची-भागलपुर सहित कई अन्य विशेष ट्रेनों का भी संचालन शामिल है।
ऐसे में सिल्ली-मुरी-बोकारो जैसे महत्वपूर्ण रेलखंडों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। 08895 जैसी विशेष ट्रेनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सफर करने के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

इस घटना को लेकर रेलवे की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान और तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि एक कोच बेपटरी हुआ, यात्रियों को सुरक्षित रखा गया, रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर बहाली कार्य किया और कुछ घंटों के भीतर रेल परिचालन फिर शुरू कर दिया गया।घटना में किसी यात्री के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हादसे के कारणों, प्रभावित ट्रेनों और संभावित जिम्मेदारी को लेकर रेलवे की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

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