झारखण्ड में दो करोड़ 35 लाख के इनामी खूंखार नक्सली अनल दा और उसके 14 साथी मुठभेड़ में मारा गया…मारे गए 15 नक्सलियों में 11 की पहचान हुई…
राँची/चाईबासा।झारखण्ड पुलिस ने साल 2026 की शुरुआत बेहद धमाकेदार तरीके से किया है।केंद्रीय बलों के साथ मिलकर पुलिस ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।गुरुवार को हुए भीषण मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य और दो करोड़ 35 लाख रुपये के इनामी खूंखार नक्सली अनल दा (उर्फ पतिराम मांझी) को मार गिराया गया है।इस मुठभेड़ में अनल के साथ अन्य 14 नक्सलियों के मारा गया है।जिनमें कई इनामी शामिल हैं।
नक्सली अनल दा का केस से सम्बंधित –ANAL CASES
झारखण्ड पुलिस मुख्यालय की ओर से विज्ञप्ति जारी कर बताया कि,पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड एवं महानिदेशक, सी०आर०पी०एफ० के संयुक्त नेतृत्व में सुरक्षा बलों को चाईबासा के सारंडा में नक्सल उन्मुलन अभियान में बड़ी सफलता मिली है।
चाईबासा के सारंडा जंगली क्षेत्र में किरीबुरू थाना अंतर्गत चलाये जा रहे विशेष अभियान ‘मेधाबुरू’ में संयुक्त बलों 209 कोबरा, झारखण्ड जगुआर, सी०आर०पी०एफ० एवं जिला पुलिस बल टीम के साथ शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी का सशस्त्र दस्ता के साथ आज सुबह लगभग 06:30 बजे से लगातार कई बार मुठभेड़ हुई। नक्सलियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुँचाने हेतु अंधाधुन गोलीबारी की गई, सुरक्षा बल के तरफ से भी आत्मरक्षार्थ गोली चलाई गयी जिससें मुठभेड़ के दौरान अबतक कुल-15 नक्सलियों के मृत शरीर एवं भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किए गए हैं।
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प्रारंभिक जांच में 15 मृत नक्सलियों में से 11 की पहचान निम्न रूप से हुई है:
1.अनल उर्फ पतिराम मांझी (CCM)-1 करोड़ ईनामी (झारखण्ड), 1 करोड़ 20 लाख ईनामी (उड़ीसा), 15 लाख ईनामी (एन०आई०ए०). (कुल कांड-149), सा० झरहा, थाना-पीरटांड, जिला-गिरडीह, झारखण्ड।
2.अनमोल उर्फ सुशांत (BJSAC)-25 लाख ईनामी (झारखण्ड), 65 लाख ईनामी (उड़ीसा), (कुल कांड-149) पता-ग्राम बंसी टोला, थाना नावाडीह, जिला बोकारो, झारखण्ड ।
3.अमित मुण्डा (RCM)-15 लाख ईनामी (झारखण्ड), 43 लाख ईनामी (उड़ीसा), 04 लाख ईनामी (एन०आई०ए०), (कुल कांड-96), पता-ग्राम तमराना, थाना तमाड़, जिला-राँची।
4.पिन्टु लोहरा (SZC)-05 लाख ईनामी (झारखण्ड) (कुल कांड-47), पता-बारीसालडीह, थाना सोनाहातू जिला राँची, झारखण्ड।
5.लालजीत उर्फ लालु (SZC)-05 लाख ईनामी (झारखण्ड), पता-धारणादिरी, थाना- किरीबुरू, जिला-चाईबासा ।
6.राजेश मुण्डा (ACM), (कुल कांड-14), पता-ग्राम माईलपिड़ी, थाना अड़की, जिला-खूँटी।
7.बुलबुल अलदा (ACM). (कुल कांड-08), पता-ग्राम ईलीगढ़ा, थाना तांतनगर, जि० चाईबासा ।
8.बबिता (ACM), (कुल कांड-16), पता-कोरर्रा, थाना कुचाई, जि० सरायकेला।
9.पुर्णिमा (ACM). (कुल कांड-05). पता-ईचागोडा, थाना गोईकेरा, जिला चाईबासा ।
10.सुरजमुनी (Cadre)-
11.जोंगा (Cadre)- (कुल कांड-01), पता-बोईपाई ससांग, थाना गोईलकेरा, जिला चाईबासा ।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 से अबतक चाईबासा के कोल्हान के सारंडा जंगली क्षेत्र में माओवादियों द्वारा किये गये विस्फोट एवं हिंसात्मक कार्रवाई में सुरक्षा बलों के हुए नुकसान में मुख्य उग्रवादी दस्ता के शीर्ष अनल उर्फ पतिराम मांझी का मुख्य योगदान रहा है।
इस अभियान से माओवादी का कमर टुट गई है। झारखण्ड पुलिस अपील करती है कि शेष बचे उग्रवादी आत्मसमर्पण कर झारखण्ड सरकार की *”आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति* का लाभ उठाएँ।सर्च अभियान अभी जारी है। अग्रतर कार्रवाई की जानकारी अभियान के पश्चात अलग से दी जायेगी।
बता दें यह कार्रवाई झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में छोटानागरा थाना अंतर्गत कुंभडीह गांव के पास हुई।सुरक्षा बलों को सटीक खुफिया सूचना मिली थी कि अनल दा का दस्ता बड़ी घटना की साजिश रच रहा है।इसके आधार पर कोबरा, जगुआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की।सुबह से शुरू हुई मुठभेड़ में जबरदस्त गोलीबारी हुई।एनकाउंटर के बाद चलाए गए सर्च अभियान में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर और सैकड़ों कारतूस शामिल हैं।
अनल दा झारखण्ड के गिरिडीह जिले का निवासी था और वर्षों से सारंडा के घने जंगलों में छिपा हुआ था।वह भाकपा (माओवादी) की झारखण्ड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी से जुड़ा था और संगठन की कमान संभाल रहा था। उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। इस एनकाउंटर के बाद झारखण्ड में अब मात्र दो एक करोड़ के इनामी नक्सली बचे हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि यह नक्सलवाद विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है, क्योंकि अनल दा जैसे टॉप लीडर का खात्मा संगठन की कमर तोड़ने वाला कदम साबित होगा।
2025 झारखण्ड पुलिस के लिए नक्सल फ्रंट पर अभूतपूर्व सफलता वाला वर्ष साबित हुआ।केंद्रीय बलों के साथ मिलकर पुलिस ने नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे राज्य से लाल आतंक का सूर्य अस्त होने के कगार पर पहुंच गया।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में एनकाउंटर में 32 नक्सली मारे गए, 30 ने हथियार डाल दिए और 279 को गिरफ्तार किया गया।जनवरी से दिसंबर तक चले अभियानों में कई एक करोड़ और लाखों के इनामी नक्सलियों को खत्म किया गया।
2001 से 2010 तक झारखण्ड पुलिस का एनकाउंटर में नक्सली मार गिराने का रिकॉर्ड लगभग शून्य था, जब नक्सलवाद चरम पर था।लेकिन 2011 से कार्रवाई तेज हुई और 2011-2024 तक 191 नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया। 2025 में 32 की संख्या ने कुल आंकड़े को 235 तक पहुंचा दिया (2001-2025)। राज्य पुलिस के प्रयासों से नक्सली प्रभावित क्षेत्र सिकुड़ गए हैं और अब मुख्य रूप से सारंडा जैसे सीमित इलाकों तक सीमित रह गए हैं।
साल 2025 में झारखण्ड पुलिस ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए, जिनमें टॉप कमांडरों को निशाना बनाया गया।यहां कुछ प्रमुख घटनाओं का जिक्र
–11 जनवरी 2025: रामगढ़ जिले में टीपीसी का कुख्यात नक्सली राहुल तुरी एनकाउंटर में मारा गया।मौके से कंट्री मेड पिस्तौल, कारतूस और मैगजीन बरामद हुए।
–21 जनवरी 2025: बोकारो में भाकपा माओवादी की महिला एरिया कमांडर शांति और दस्ता सदस्य मनोज टुडू मारे गए। एके-47 और इंसास राइफल बरामद हुईं.।
–29 जनवरी 2025: चाईबासा में जोनल कमांडर संजय गंझू (15 लाख इनामी) और महिला एरिया कमांडर हेमंती माजियां (5 लाख इनामी) एनकाउंटर में ढेर।भारी हथियार और कारतूस बरामद।
–21 अप्रैल 2025: बोकारो के लुगु पहाड़ में सबसे बड़ी सफलता – एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक सहित आठ नक्सली मारे गए. इनमें अरविंद यादव, से सहेबरम मांझी (10 लाख), गंगाराम, महेश, तालों दी, महेश मांझी और रंजू मांझी शामिल थे। बरामदगी: चार इंसास, एक एसएलआर, एक रिवाल्वर, आठ लोकल गन और 500+ कारतूस।यह पहली बार था जब एक करोड़ का इनामी नक्सली मारा गया।
–26 मई 2025: लातेहार में जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहार (10 लाख) और प्रभात गंझू (5 लाख) मारे गए। इंसास राइफल और 400+ कारतूस बरामद। उसी दिन मनीष यादव (5 लाख, जोनल कमांडर) और पलामू में तुलसी भुइयां एनकाउंटर में ढेर।
–16 जुलाई 2025: बोकारो में 5 लाख के इनामी कमांडर कुंवर मांझी सहित दो नक्सली मारे गए। एके-47 और एसएलआर बरामद।
–26 जुलाई 2025: गुमला में जेजेएमपी के तीन नक्सली – दिलीप लोहार, श्याम सुंदर लोहार और सुनील मुंडा – मारे गए। एके-47 और इंसास बरामद।
–6 अगस्त 2025: गुमला में पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा (15 लाख) एनकाउंटर में मारा गया।
–13 अगस्त 2025: चाईबासा में एरिया कमांडर अरुण वरुण मारा गया। चार एसएलआर, 600+ कारतूस बरामद।
–7 सितंबर 2025: चाईबासा में 10 लाख का इनामी अपटन मारा गया।
–14 सितंबर 2025: पलामू में टीपीसी का महादेव यादव (5 लाख) एनकाउंटर में ढेर।
–15 सितंबर 2025: हजारीबाग में एक करोड़ का इनामी सहदेव सोरेन (अनुज), 25 लाख का चंचल (रघुनाथ हेम्ब्रम) और 10 लाख का बिरसेन एक साथ मारे गए।तीन एके-47 सहित दर्जनों कारतूस बरामद।
–23 सितंबर 2025: गुमला में जेजेएमपी के छोटू उरांव, सत्येंद्र उरांव और सुजीत उरांव मारे गए। एके-47 और इंसास बरामद।
इन सफलताओं से नक्सली संगठनों की कमान और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई। कई क्षेत्र कमांडर, जोनल कमांडर और सेंट्रल कमिटी सदस्य खत्म हुए।
झारखण्ड में नक्सलवाद अब मुख्य रूप से सारंडा और कोल्हान जैसे सीमित इलाकों तक सिमट गया है। 2025 की सफलताओं और 2026 की शुरुआत में अनल दा जैसे बड़े नेता के खात्मे से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बल निर्णायक बढ़त में हैं। केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। हालांकि, चुनौतियां बाकी हैं– आईईडी, घने जंगल और स्थानीय समर्थन।पुलिस का फोकस अब बचे हुए टॉप इनामियों पर है।विकास कार्य, सरेंडर पॉलिसी और सामुदायिक सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हो रही है।

