साहिबगंज में ट्रेन से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, कई देशों की करेंसी बरामद… गुवाहाटी के रास्ते देश छोड़ने की थी तैयारी…
साहिबगंज। झारखण्ड के साहिबगंज में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की कार्रवाई में एक कथित बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान सुमन मियां (26) के रूप में हुई है। वह 15657 ब्रह्मपुत्र मेल से गुवाहाटी की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन में आपातकालीन चेन खींचने की घटना के बाद रेलवे पुलिस की नजर उस पर पड़ी और उसे पकड़ लिया गया। उसके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र, दो मोबाइल फोन और भारतीय मुद्रा के साथ पाकिस्तान तथा नेपाल की करेंसी भी बरामद हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारी भी उससे पूछताछ कर रहे हैं।
चेन खींचने से रुकी ट्रेन, फिर खुलने लगी परतें
जानकारी के अनुसार, सुमन मियां अपने चार साथियों के साथ ब्रह्मपुत्र मेल से सफर कर रहा था। मिर्जाचौकी और साहिबगंज के बीच ट्रेन में झटका लगने के बाद उसने कथित तौर पर आपातकालीन चेन खींच दी। इससे ट्रेन रुक गई। बताया जाता है कि युवक उस समय ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर सो रहा था। चेन खींचने की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने मामले की जांच की, जिसके दौरान सुमन मियां को पकड़ लिया गया। इस बीच उसके तीन साथी फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। हालांकि, उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों की संख्या और फरार साथियों की पहचान को लेकर पुलिस की जांच अहम होगी।
श्रीनगर में कबाड़ का काम, फिर दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचने की तैयारी
पूछताछ में सुमन मियां ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने 19 साथियों के साथ श्रीनगर में कबाड़ी का काम करता था। उसने दावा किया कि एसआईआर से जुड़ी कार्रवाई और बांग्लादेशी नागरिकों को वहां से हटाए जाने की स्थिति के कारण वह श्रीनगर से दिल्ली पहुंचा था। इसके बाद वह गुवाहाटी के रास्ते बांग्लादेश लौटने की तैयारी में था।
जांच एजेंसियां अब उसके इस बयान की सत्यता की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुआ था, उसके पास मौजूद दस्तावेज असली हैं या नहीं और उसके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोगों की वास्तविक पहचान क्या है।
पाकिस्तान और नेपाल की करेंसी मिलने से जांच का दायरा बढ़ा
गिरफ्तार युवक के पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र, दो मोबाइल फोन और भारतीय रुपये के अलावा पाकिस्तान तथा नेपाल की मुद्रा मिलने की बात सामने आई है। अलग-अलग देशों की करेंसी मिलने के बाद जांच एजेंसियां इनकी बरामदगी से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती हैं। हालांकि, केवल विदेशी मुद्रा मिलने से किसी संदिग्ध गतिविधि में संलिप्तता साबित नहीं होती। इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
NIA की पूछताछ, फरार साथियों की तलाश तेज
मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों के भी पूछताछ करने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां युवक के मोबाइल फोन, पहचान पत्र, यात्रा के रास्ते और उसके साथियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। फरार साथियों की गिरफ्तारी से इस पूरे मामले में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।पुलिस मामले की जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवक को शनिवार को जेल भेजे जाने की तैयारी थी। अब जांच का मुख्य केंद्र यह है कि सुमन मियां भारत में किस उद्देश्य से रह रहा था, उसके अन्य साथी कौन हैं और बांग्लादेश लौटने के लिए उसने गुवाहाटी का रास्ता क्यों चुना। इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

