राँची में कोढ़ा गैंग के एनकाउंटर का सच, आखिर थानेदार को क्यों चलानी पड़ी गोली…

-रिंग रोड रेलवे ओवरब्रिज के पास हुई वारदात, शातिर अपराधी आकाश उर्फ रंगीला रिम्स में भर्ती, पुलिस पार्टी पर कातिलाना हमला और सरकारी पिस्टल छीनने को लेकर बीआईटी मेसरा ओपी में दर्ज हुई दूसरी एफआईआर

राँची। राजधानी में चेन छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने वाले कुख्यात कटिहार के ‘कोढ़ा गैंग’ के शातिर बदमाशों और राँची पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के बीच रविवार की दोपहर सनसनीखेज मुठभेड़ हो गई।बीआईटी ओपी क्षेत्र में स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास हथियार बरामद कराने ले जाए गए कोढ़ा गैंग के एक बदमाश ने हवलदार को धक्का देकर उसकी कमर से सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस पार्टी पर सीधे जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में बरियातू थाना प्रभारी प्रकाश कुमार रजक ने अपनी सर्विस पिस्टल से पहले हवाई चेतावनी दी और फिर आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिससे गोली अपराधी के पैर में जा लगी। पुलिस ने घायल बदमाश को दबोचकर इलाज के लिए रिम्स भेजा और मौके से छीनी गई सरकारी पिस्टल व छिपाया गया लोडेड देसी कट्टा बरामद किया। इस खौफनाक वारदात को लेकर बरियातू थाना प्रभारी प्रकाश कुमार रजक के बयान पर बीआईटी मेसरा ओपी में कोढ़ा गैंग के तीनों गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं के तहत एक और नई प्राथमिकी दर्ज की गई है।

छिनतई के केस में रिम्स के पास से दबोचे गए थे कोढ़ा के तीन शातिर

दरअसल, बरियातू थाना क्षेत्र में 3 अक्टूबर को हुई छिनतई की वारदात (कांड संख्या 200/2026) की जांच कर रही पुलिस ने 4 अक्टूबर को बिहार के कटिहार (थाना कोढ़ा, नयाटोला जुराबगंज) के तीन शातिर अपराधियों को लूटी गई चेन के साथ गिरफ्तार किया था।पकड़े गए अपराधियों में आकाश यादव उर्फ रंगीला, अमन कुमार यादव और कार्तिक यादव उर्फ दिनेश शामिल थे। पूछताछ में रंगीला ने स्वीकार किया कि उसने वारदात में इस्तेमाल हथियार पारचूड स्थित रेलवे लाइन के किनारे छिपा रखा है।चूंकि कोढ़ा गैंग बेहद दुस्साहसी और संगठित माना जाता है, इसलिए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक संयुक्त एसआईटी गठित की गई।इसमें बरियातू थानेदार के साथ लालपुर, कोतवाली और सदर थाना प्रभारी अपने सशस्त्र बलों के साथ दोपहर करीब 1:50 बजे रिम्स से अपराधियों को लेकर हथियार बरामदगी के लिए निकले।रास्ते में नेवरी चौक पर बीआईटी मेसरा ओपी प्रभारी अजय कुमार दास भी पुलिस बल के साथ टीम में शामिल हुए।

ओवरब्रिज के पास अचानक हवलदार पर झपटा रंगीला, पिस्टल छीनकर झोंका फायर

दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस टीम रिंग रोड पारचूड से बड़गाईं जाने वाले रास्ते पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पहुंची। रंगीला ने नीचे से इशारा करते हुए कहा कि पुल के ऊपर रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में देसी कट्टा छिपाया गया है।पुलिसकर्मी ऊपर चढ़ने का रास्ता तलाश ही रहे थे कि तभी रंगीला ने अचानक हवलदार रविंद्र पासवान पर झपट्टा मार दिया।उसने हवलदार की कमर में खुंसी सरकारी पिस्टल छीन ली, उन्हें जोरदार धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और भागने लगा।भागते-भागते उसने पुलिस टीम को निशाना बनाकर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।पुलिसकर्मियों ने खुद को सुरक्षित करते हुए उसे रुकने और सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन वह पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायर करते हुए भागता रहा।

थानेदार ने की जवाबी फायरिंग, पैर में गोली लगते ही गिरा अपराधी

स्थिति बेहद नाजुक और जानलेवा बन चुकी थी। अपने और पूरी पुलिस पार्टी के बचाव में बरियातू थाना प्रभारी प्रकाश कुमार रजक ने अपनी सरकारी 9 एमएम पिस्टल निकाली और रुकने की चेतावनी देते हुए एक राउंड हवाई फायरिंग की।इसके बाद भी जब अपराधी नहीं रुका और लगातार पुलिस को निशाना बनाता रहा, तब थानेदार ने आत्मरक्षार्थ रंगीला को निशाना बनाकर दूसरी गोली चलाई। गोली सीधे आकाश उर्फ रंगीला के दाहिने पैर में घुटने के पास लगी.।गोली लगते ही वह दर्द से चीखते हुए सड़क पर गिर पड़ा और छीनी गई सरकारी पिस्टल उसके हाथ से छूट गई। एसआईटी के जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।इस खींचतान व हाथापाई में कुछ पुलिसकर्मियों को भी हल्की चोटें आईं।पुलिस ने तत्काल मौके पर प्राथमिक उपचार के बाद रंगीला को सब-इंस्पेक्टर दिवाकर मिश्रा के साथ इलाज के लिए रिम्स भेजा।

झाड़ी से लोडेड देसी कट्टा बरामद, लूटी गई बाइक और चेन रिम्स पार्किंग में छिपाई

घटनास्थल को तुरंत सील कर वरीय अधिकारियों को सूचना दी गई और फॉरेंसिक टीम बुलाई गई। एफएसएल टीम ने मौके से सरकारी पिस्टल, कारतूस और खोखा जब्त किया। इधर, साथ मौजूद बाकी दोनों अभियुक्तों अमन और कार्तिक से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने झाड़ियों में छिपाकर रखा गया सफेद प्लास्टिक का पैकेट दिखाया. तलाशी लेने पर झाड़ियों से एक .315 बोर का लोडेड देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ।पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि लूट की बाकी चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल उन्होंने रिम्स की पार्किंग में छुपाकर रखी है।

संगठित अपराध, सरकारी हथियार छीनने और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज

बीआईटी मेसरा ओपी में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत में थाना प्रभारी ने कहा है कि कोढ़ा गैंग के इन अपराधियों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत लूटपाट की, पुलिस पर जानलेवा हमला किया, ऑन ड्यूटी हवलदार से सरकारी हथियार छीना और हत्या के इरादे से गोली चलाई। पुलिस ने आकाश यादव उर्फ रंगीला, अमन कुमार यादव और कार्तिक यादव के खिलाफ बीएनएस की धारा 111 (संगठित अपराध), 115(2), 117(2), 132 (सरकारी काम में बाधा), 109(1) (हत्या का प्रयास), 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a, 26, 27 व 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

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