प्रसव के बाद महिला दरोगा की मौत पर प्राथमिकी दर्ज, अस्पताल और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप–

-ऑपरेशन के 11-12 घंटे बाद बिगड़ी हालत, दर्द और सांस लेने में तकलीफ के बाद दिया इंजेक्शन, बेहोश होने पर देवनिका अस्पताल भेजा, वहां डॉक्टर नहीं मिला तो आर्किड ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

राँची।राजधानी राँची के तूपुदाना स्थित राजेन्द्र नर्सिंग होम में प्रसव के लिए भर्ती 34 वर्षीय महिला दरोगा सुमित्रा कच्छप की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला के पति कार्तिक मुण्डा की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।शिकायतकर्ता ने राजेन्द्र नर्सिंग होम की डॉक्टर संध्या कुमारी, अस्पताल प्रशासन और संबंधित स्टाफ पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी थी, लेकिन समय रहते गंभीर स्थिति को देखते हुए उचित उपचार और बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। हालत बेहद खराब होने के बाद पहले देवनिका अस्पताल और फिर आर्किड अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुमित्रा को मृत घोषित कर दिया।

शिकायत के अनुसार, नामकुम थाना क्षेत्र के तोरार गांव निवासी कार्तिक मुण्डा की पत्नी सुमित्रा कच्छप को प्रसव के लिए 15 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे तुपुदाना स्थित राजेन्द्र नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।डॉक्टर ने परिजनों को बताया था कि बच्चा ब्रिज पोजिशन में है। मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन करना जरूरी है। इसके बाद सुबह करीब 9:30 बजे सुमित्रा का ऑपरेशन किया गया।ऑपरेशन से करीब 3.5 किलो वजन के बच्चे का जन्म हुआ।

परिजन के मुताबिक, ऑपरेशन के करीब 11 से 12 घंटे बाद सुमित्रा को काफी दर्द होने लगा और उसे सांस लेने में भी परेशानी होने लगी।हालत बिगड़ने पर वहां मौजूद नर्स ने उसे इंजेक्शन दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। कुछ देर बाद सुमित्रा बेहोश हो गई। इसके बाद राजेन्द्र नर्सिंग होम की डॉक्टर संध्या कुमारी ने आनन-फानन में उसे देवनिका अस्पताल रेफर कर दिया।

आवेदन के अनुसार, 16 सितंबर 2026 की रात करीब 1:50 बजे सुमित्रा को देवनिका अस्पताल ले जाया गया। वहां उसे इमरजेंसी वार्ड में करीब आधे घंटे तक रखा गया। पति का आरोप है कि उस समय सुमित्रा बेहोश थी और उसके शरीर में किसी तरह की हलचल नहीं हो रही थी।इसके बाद अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि अभी डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं।इसके बाद सुमित्रा को आर्किड अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

महिला की मौत के बाद पति ने तुपुदाना थाने में शिकायत देकर राजेन्द्र नर्सिंग होम और संबंधित डॉक्टर तथा स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पर्याप्त सुविधा नहीं होने के बावजूद नर्सिंग होम में ऑपरेशन किया गया।ऑपरेशन के बाद मरीज की समुचित निगरानी नहीं की गई और हालत बिगड़ने के बाद भी समय पर बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। उनका आरोप है कि इलाज में हुई इसी कथित लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हुई।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।ऑपरेशन से लेकर महिला की हालत बिगड़ने, इंजेक्शन दिए जाने, बेहोश होने और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने तक के घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। पुलिस संबंधित अस्पतालों के चिकित्सा अभिलेख, उपचार से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाएगी। महिला की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण और इलाज के दौरान क्या स्थिति बनी थी, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

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