पलामू में सहिया अपहरण-हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार; दुष्कर्म की आशंका, प्रिंस खान-सुजीत सिन्हा गिरोह से भी जुड़ा एक आरोपी
पलामू। झारखण्ड के पलामू जिले में दुर्गापूजा के दौरान सहिया के अपहरण और फिर उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस जघन्य वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, लूटपाट के दौरान महिला द्वारा आरोपियों को पहचान लेने और उनकी पहचान उजागर करने की धमकी देने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। मामले में दुष्कर्म की आशंका भी सामने आई है। आरोपियों ने पूछताछ में दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने एफएसएल जांच का सहारा लिया है।
इस मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश शुक्ला उर्फ भुलन शुक्ला का संबंध कुख्यात प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोहों से बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह करीब आठ महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। अन्य आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास रहा है।
लूटपाट की नीयत से पहुंचे थे आरोपी, पहचान उजागर होने के डर से हत्या का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, घटना के दिन चारों आरोपी गढ़वा इलाके में हेरोइन और ब्राउन शुगर खरीदने पहुंचे थे। नशा करने के बाद जब उनके पैसे खत्म हो गए, तो उन्होंने लूटपाट की योजना बनाई। इसके बाद वे मोटरसाइकिल से नावाबाजार थाना क्षेत्र में पहुंचे।
इसी दौरान उन्हें रास्ते में अकेली जा रही सहिया मिली। आरोप है कि चारों ने महिला को निशाना बनाकर लूटपाट की। इसी क्रम में महिला ने आरोपियों को पहचान लिया और उनकी पहचान उजागर करने की धमकी दी। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से महिला की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।वारदात के बाद महिला का शव खेत से बरामद हुआ था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया।
चार आरोपी गिरफ्तार, गहने और निजी सामान बरामद
पुलिस ने इस मामले में दीपरंजन पांडे, रोहित पांडे, आकाश शुक्ला उर्फ भुलन शुक्ला और विक्की पासवान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मृतका के गहने और अन्य निजी सामान बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस के अनुसार गढ़वा जिले के रमना इलाके से चोरी किया गया था।पुलिस के मुताबिक, दीपरंजन पांडे, आकाश शुक्ला और विक्की पासवान का आपराधिक इतिहास रहा है। सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दुष्कर्म की आशंका, एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
इस हत्याकांड में दुष्कर्म की आशंका ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने महिला के साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इसकी पुष्टि के लिए एफएसएल जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पहलू पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की है। मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई थी एसआईटी
सहिया अपहरण-हत्याकांड के उद्भेदन के लिए बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई थी। टीम में प्रशिक्षु डीएसपी मृत्युंजय गोप, पांडु इंस्पेक्टर रामाशिश पासवान, नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव, पड़वा थाना प्रभारी अनुचित कुमार तथा सब-इंस्पेक्टर चिंटू कुमार, सुशील उरांव, सुबोध कुमार, ऋषिकेश दुबे, अमर कुमार और शैलाभ कुमार शामिल थे।टीम ने जांच के क्रम में आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस अब बरामद सामान, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।
पलामू एसपी कपिल चौधरी के अनुसार, चारों आरोपी लूटपाट के इरादे से इलाके में पहुंचे थे। लूटपाट के दौरान महिला ने उन्हें पहचान लिया, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने दुष्कर्म की बात स्वीकार की है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए एफएसएल जांच कराई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतका के गहने, निजी सामान और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड के कई अहम तथ्य सामने आए हैं। अब एफएसएल रिपोर्ट और आगे की जांच से घटना के अन्य पहलुओं की पुष्टि होने की उम्मीद है।

