डोरंडा गोलीकांड: तीन दावे, तीन कहानियां और डेढ़ करोड़ का पेच; आखिर किसने चलवाई गोलियां ?..

जावेद ने कहा- अल्ताफ हत्याकांड का गवाह हूं, इसलिए अली ने डराने के लिए चलवाई गोली;अली खान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद ;छोटू गद्दी के पक्ष का दावा- जमीन के एवज में डेढ़ करोड़ के लेनदेन का है पूरा विवाद…

राँची।राजधानी राँची  डोरंडा थाना क्षेत्र का धोबी मोहल्ला रविवार की देर शाम अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। उर्दू लाइब्रेरी के पास हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई। डीएसपी से लेकर डोरंडा थाना और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।गोलीकांड के बाद अब मामले में तीन अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक पक्ष इसे पुरानी दुश्मनी और गवाही से जोड़ रहा है, दूसरा पक्ष खुद को साजिश के तहत फंसाने की बात कह रहा है, जबकि तीसरे पक्ष की ओर से पूरे विवाद की जड़ जमीन और करीब डेढ़ करोड़ रुपये के कथित लेनदेन को बताया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रविवार की शाम गोलियां किसने चलवाईं और इसके पीछे असली वजह क्या थी?पुलिस फिलहाल तीनों पक्षों के दावों को जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।

जावेद अनवर का दावा- मुझे निशाना बनाकर हुई फायरिंग
घटना के बाद जावेद अनवर सामने आए और दावा किया कि अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाकर गोलीबारी की। उन्होंने गोली चलाने वाले के रूप में संजर, छोटू गद्दी और अफाक के नाम का आरोप लगाया। जावेद का आरोप है कि अली ने गोली चलवाई है।
जावेद ने इस गोलीकांड को डोरंडा के चर्चित अल्ताफ हत्याकांड से भी जोड़ते हुए कहा कि वह उस मामले में गवाह हैं। उनका दावा है कि गवाही देने की वजह से उन्हें डराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से उन पर हमला कराया गया।जावेद अनवर

अली खान ने कहा- मुझे फंसाने की कोशिश
दूसरी ओर अली खान ने वीडियो जारी कर जावेद अनवर के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। अली का कहना है कि उसे फंसाने के लिए पहले भी जावेद की ओर से झूठे मुकदमे किए जाते रहे हैं और इस बार भी गोलीकांड की जिम्मेदारी उसके सिर मढ़ने की कोशिश की जा रही है।अली ने दावा किया कि इस घटना से उसका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उसने वरीय पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।अली खान

तीसरे पक्ष का दावा- असली विवाद डेढ़ करोड़ रुपये का!
मामले में अब तीसरे पक्ष की ओर से एक अलग कहानी सामने आई है। छोटू गद्दी के पक्ष से जुड़े लोगों के हवाले से दावा किया गया है कि गोलीकांड के पीछे पुरानी दुश्मनी या अल्ताफ हत्याकांड की गवाही नहीं, बल्कि जमीन के एवज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के कथित लेनदेन का विवाद है।दावे के मुताबिक, कुछ दिन पहले बकाया पैसे की मांग करने के लिए कुछ लोग जावेद के पास गए थे। वहां कथित तौर पर मारपीट हुई। इसके बाद रविवार देर शाम गोलीबारी की घटना हुई।तीसरे पक्ष की ओर से उल्टा जावेद और उसके साले पर ही गोलीबारी में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि जावेद ने अपने साले के माध्यम से गोलीबारी करवाकर अलग-अलग लोगों पर आरोप लगाने की कोशिश की।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

अली और छोटू के बीच अनबन का भी किया गया दावा
तीसरे पक्ष की ओर से यह भी कहा गया है कि छोटू गद्दी और अली खान के बीच पहले से अनबन है। ऐसे में अली के कहने पर गोली चलाने का सवाल ही नहीं उठता। इसी आधार पर पुलिस से मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की गई है।छोटू गद्दी के पक्ष की ओर से पुलिस से घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ जावेद के घर के आसपास लगे कैमरों की फुटेज भी खंगालने की मांग की गई है। दावा है कि सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद गोलीकांड की पूरी तस्वीर साफ हो सकती है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल- आखिर सच क्या है?
एक ही गोलीकांड को लेकर अब तीन अलग-अलग कहानियां सामने हैं। जावेद इसे अल्ताफ हत्याकांड की गवाही से जोड़ रहे हैं, अली खान इसे अपने खिलाफ साजिश बता रहे हैं और तीसरे पक्ष की ओर से जमीन तथा करीब डेढ़ करोड़ रुपये के कथित लेनदेन को विवाद की जड़ बताया जा रहा है।पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के साथ आरोपों की भी जांच की जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।

अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्य और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि गोली किसने चलाई, किसके इशारे पर चलाई गई और इस फायरिंग के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।फिलहाल डोरंडा गोलीकांड की असली कहानी कई दावों के बीच उलझी हुई है। डेढ़ करोड़ रुपये का लेनदेन, पुरानी दुश्मनी या गवाही का दबाव सच क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

वहीं,राँची पुलिस की ओर से दावा किया जा रहा है कि गोली चलाने वाले अपराधियों की पहचान कर ली गई है।कार्रवाई जारी है।

 

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