घूमने निकले थे पांच दोस्त, जयंती नदी में समा गई तीन जिंदगियां,रात के अंधेरे में एक-एक कर निकले शव
–गांडेय के गांधी नगर से दो साइकिल पर निकले थे पांच छात्र, नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चे गहरे पानी में डूबे
–जेनरेटर की रोशनी में उतरी गोताखोरों की टीम, कुछ ही देर में तीनों शव बरामद; परिजनों के चीत्कार से गमगीन हुआ माहौल
गिरिडीह। घर से घूमने निकले पांच दोस्तों को क्या पता था कि शाम का यह सफर तीन परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम बन जाएगा। मंगलवार की शाम गांडेय के गांधी नगर से घूमने निकले पांच छात्रों में से तीन जयंती नदी के गहरे पानी में डूब गए। मेढ़ो स्थित जयंती नदी के मुहाने पर हुए इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। अंधेरा और गहरे पानी के कारण काफी देर तक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका। आखिरकार रात में जेनरेटर और लाइट की व्यवस्था होने के बाद गोताखोरों की टीम नदी में उतरी और कुछ ही देर में तीनों बच्चों के शव एक-एक कर बाहर निकाल लिए।तीनों शव मिलते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों की चीख-पुकार से माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। शवों को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों को रोता-बिलखता देखकर मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
दो साइकिल नदी के दोनों छोर पर, कपड़े और चप्पल ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार शाम कुछ लोगों ने मेढ़ो स्थित जयंती नदी के मुहाने पर बच्चों को पानी में डूबते देखा। इसके बाद लोगों ने शोर मचाया और देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लेकिन नदी में पानी काफी गहरा होने और अंधेरा होने के कारण कोई भी अंदर उतरने की हिम्मत नहीं कर सका।घटनास्थल पर नदी के दोनों छोर पर साइकिलें पड़ी थीं। वहीं बच्चों के कपड़े और चप्पल भी मिले। सूचना मिलने के बाद गांडेय से परिजन मौके पर पहुंचे और साइकिल व कपड़ों की पहचान की। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि गांधी नगर से पांच बच्चे दो साइकिलों पर घूमने की बात कहकर घर से निकले थे।
शाम तक घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश
बताया गया कि पांचों छात्र घर से घूमने की बात कहकर निकले थे। शाम तक जब बच्चे वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। इसी बीच जयंती नदी में कुछ बच्चों के डूबने की सूचना मिली। इसके बाद परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े।
सीओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही सीओ ओमप्रकाश बड़ाइक, गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह और अंचल नाजिर अनिल बेसरा मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और बच्चों की तलाश के लिए आवश्यक व्यवस्था शुरू कराई।अंधेरा होने के कारण शुरुआती दौर में नदी में उतरकर तलाश करना मुश्किल था। बाद में करीब रात 8:30 बजे चार पहिया वाहन से जेनरेटर और लाइट की व्यवस्था की गई। इसी बीच गोताखोरों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई।
एक डुबकी…और बाहर आया पहला शव
रोशनी की व्यवस्था होते ही गोताखोर नदी में उतरे। तलाश शुरू होने के कुछ ही समय बाद गोताखोरों को पहला शव 13 वर्षीय अंश कुमार गुप्ता का मिला। उसे पानी से बाहर निकाला गया। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।लोग इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि करीब 10 मिनट के अंतराल में दूसरा शव 13 वर्षीय श्रेयस कुमार का भी बरामद हो गया। गोताखोरों ने उसे भी बाहर निकाल लिया।इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों के आग्रह पर गोताखोरों ने एक बार फिर नदी में डुबकी लगाई। कुछ देर की तलाश के बाद तीसरा शव 15 वर्षीय आदित्य कुमार वर्णवाल का भी बरामद कर लिया गया।
तीनों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
तीनों शवों के बाहर आते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। एक तरफ पुलिस और प्रशासन की टीम रेस्क्यू में जुटी थी, तो दूसरी ओर अपने बच्चों को खो चुके परिवारों के विलाप से पूरा माहौल भारी हो गया। कुछ देर पहले तक जिन बच्चों के साथ घूमने की उम्मीद थी, उनके शव सामने पड़े थे।
गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस को देर शाम घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने बताया कि घटना ग्राम मेढ़ो स्थित जयंती नदी, थाना गांडेय क्षेत्र की है।पुलिस के अनुसार हादसे में तीन बच्चों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान अंश कुमार गुप्ता (13), पिता अनूप कुमार, श्रेयस कुमार (13), पिता कैलाश राम, दोनों गांडेय थाना क्षेत्र निवासी, तथा आदित्य कुमार वर्णवाल (15), पिता विक्रम कुमार वर्णवाल, निवासी गांधीनगर, गांडेय के रूप में हुई है।रात में ही तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।आगे की जांच जारी है।

