खूंटी में ग्राम प्रधान हत्याकांड का खुलासा,अफीम लूट के इरादे से हुआ हमला, 10 आरोपी गिरफ्तार –

 

खूंटी।झारखण्ड के खूंटी जिले के काड़ेतुबिद पंचायत के ग्राम प्रधान बलराम मुंडा हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।खूंटी एसपी द्वारा गठित डीएसपी वरुण रजक के नेतृत्व वाली विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए गए है।डीएसपी वरुण रजक ने बताया कि हत्या के पीछे का मकसद अफीम लूट था।पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि बलराम मुंडा ने दो दिन पहले अपने घर के बाहर अफीम सुखाई थी, जिसे कुछ लोगों ने देख लिया था। इसके बाद लूट की योजना बनाई गई।हमलावरों ने बलराम के घर में घुसकर सामानों को तहस-नहस कर दिया ताकि अफीम की खोज की जा सके। डीएसपी ने बताया कि आरोपियों को शक था कि ग्राम प्रधान की सूचना पर ही पुलिस ने गांव में अफीम की खेती नष्ट की थी।इस साल पुलिस कार्रवाई में कई लोगों की अफीम की फसलें बर्बाद हुई थीं।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हमले की साजिश शनिवार को मारंगहादा साप्ताहिक हाट में रची गई थी। इस साजिश में काड़ेतुबिद गांव के दो लोग, एक मिशनरी स्कूल के शिक्षक सहित कुल 12 लोग शामिल थे। डीएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

पुलिस ने जिन 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें काड़ेतुबिद के बिरबल मुंडा और सिनू मुंडा, गाड़ामाड़ा के शिक्षक बुधराम हस्सा, सिदमा के केदार मुंडा, मुटूदा के अलिफ पूर्ति, कुबरसाल के अभिषेक हस्सा, गितिलबेड़ा के पाव पाहन, कोजरोंग के पतरस पाहन, जोरको के पलटन मुंडा, बंदगांव के पुष्पेंद्र यादव शामिल हैं।इसके अलावा, पांच अन्य लोगों को खूंटी पुलिस ने मोहना टोली से गिरफ्तार किया है।

घटना के बाद ग्राम प्रधान के घर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।डीएसपी वरुण रजक ने कहा कि जांच में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके।

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