रिश्तों की डोर…शादी के दो माह बाद खराब हुई पत्नी की किडनी, धनबाद के इंद्रपाल ने अंगदान कर दी नई जिंदगी…
धनबाद। दुनिया के सबसे गहरे रिश्तों में से एक रिश्ता पति-पत्नी को होता है। यह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो प्रेम, विश्वास और समर्पण की नींव पर टिका होता है। इसे सार्थक किया है धनबाद मुख्यालय से कोई 6 किमी दूर पर स्थित श्रमिक नगरी भूली बी ब्लाक के इंद्रपाल सिंह ने। शादी होते ही हर कोई जिंदगी के नए भविष्य, सपने बनाने में लग जाते हैं, लेकिन शादी के महज दो माह के बाद की इंद्रपाल सिंह को बड़ा झटका तब लगा, जब पता चला कि उसकी पत्नी सतबिंदर कौर की दोनों किडनी खराब हो गई है।ऐसे विकट परिस्थिति में जहां लोग टूटने लगते हैं, वहीं इंद्रपाल सिंह ने धैर्य से न बल्कि काम लिया, बल्कि अपनी एक किडनी देकर पत्नी की जान बचाई है। इंद्रपाल से पति के रूप में यह समर्पण का हर कोई सम्मान करता है। आज दोनों स्वस्थ्य हैं।इंद्रपाल दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। जबकि सतबिंदर एक निजी बैंक में काम करती थी।
इंद्रपाल और सतबिंदर की शादी अगस्त 2018 को हुई थी। शादी के बाद सतबिंदर की स्थिति खराब रहने लगी। चिकित्सकों के यहां जांच व इलाज शुरू हो गया, इस दौरान पता चला कि सतबिंदर की दोनों किडनियां काम नहीं कर रही है।
कोलकाता के चिकित्सक ने बताया कि अब किडनी ट्रांसप्लांट की विकल्प है। लेकिन पैसे सबसे बड़ी परेशानी आ गई। सतबिंदर की नौकरी छूटी है, पति इंद्रपाल को भी नौकरी छोड़नी पड़ी। सतबिंदर के मायके वालों की हिम्मत टूट गई, सभी साथ छोड़ने लगे, मायके वाले ने दूसरी शादी के लिए भी बोल दिया। लेकिन इंद्रपाल ने हिम्मत नहीं हारी। इंद्रपाल के बीसीसीएल कर्मी पिता ने भी पैसे जुटाए, किसी तरह ट्रांसप्लांट के पैसे जमा हो गए। अगस्त 2022 में सफल ट्रांसप्लांट हो गया।
धनबाद की 32 लाख की आबादी पर सरकारी अस्पतालों में एक भी नेफ्रोलाजिस्ट (किडनी रोग विशेषज्ञ) नहीं है। यह तब है कि स्वास्थ्य विभाग की अनुमान के मुताबिक 6 हजार किडनी रोग से जुड़े मरीज धनबाद में हैं। इसमें 1800 मरीज गंभीर स्थिति में हर दिन जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं।
यह मरीज हर दिन डायलिसिस करा कर जान बचा रहे हैं। नेफ्रोलाजिस्ट के नहीं होने से धनबाद से प्रत्येक माह 150 मरीज जांच व इलाज कराने वेल्लोर, दिल्ली, कोलकाता अथवा दूसरे शहर जा रहे हैं।
धनबाद में अब तक पांच लोगों ने अंगदान की घोषणा की है,उन्होंने एसएनएमएमसीएच में रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं नेत्र दान समेत अन्य 44 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके लिए मेडिकल कालेज से फार्म लेकर इसमें घोषणा पत्र देना होता है।
“धनबाद में किडनी मरीजों को संख्या हर दिन बढ़ रही है, इसके लिए विभाग की ओर से वर्तमान डायलिसिसि केंद्र को विकसित किया जा रहा है, नए वार्ड बनाए जा रहे हैं”।- डॉ. आलोक विश्वकर्मा, सीएस, धनबाद
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