सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामला: बीजेपी ने फिर की सीबीआई जांच की मांग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने की है अनुशंसा…
राँची।राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की है।आयोग ने राज्य सरकार को जांच में पूर्ण सहयोग देने को कहा है। इसके अलावा पीड़ित पक्ष के परिवार को समुचित सुरक्षा, निशुल्क विधिक सहायता एवं आवश्यक परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने की अनुशंसा आयोग ने की है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने राज्य सरकार को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि इस प्रकरण से संबंधित सभी साक्ष्य सुरक्षित रहे और उनके साथ किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ ना हो।इधर राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने बताया लिखित शिकायत पर आयोग के द्वारा पिछले दिनों स्थलीय जांच, पीड़ित परिवार से ली गई जानकारी के बाद रिपोर्ट जारी की है।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा की गई अनुशंसा की जानकारी देते हुए बीजेपी नेता ने बताया कि राज्य सरकार को अविलंब, इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा करनी चाहिए।बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि सूर्या हांसदा एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और माफियाओं के खिलाफ वे लगातार अभियान चलाते रहते थे। उन्होंने पूछते हुए कहा कि 9 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में 24 घंटे के अंदर क्यों नहीं उपस्थित किया गया। राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि जिस तरह से फर्जी एनकाउंटर दिखाकर अधिकारियों ने इस घटना को अंजाम दिया है, उसमें बड़ी साजिश का अंदेशा है।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार से मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपील की है। सूर्य हांसदा के परिजनों द्वारा न्यायालय में सीबीआई जांच को लेकर लगाई गई गुहार को सही बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में, मैं और मेरी पार्टी पूरी तरह से समर्थन करती है और जो भी सहयोग होगा, वह दिया जाएगा।
आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की मौत को लेकर ढेर सारे सवाल उठ रहे हैं। सूर्या हांसदा को पुलिस ने 10 अगस्त की शाम एनकाउंटर में मार गिराया था। सूर्या हांसदा गोड्डा जिले के बोआरीजोर ब्लॉक स्थित ललमटिया गांव के रहने वाले थे। सूर्या हांसदा के एनकाउंटर को हत्या बताकर परिजन मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए गुहार लगाते रहे हैं।
गौरतलब है कि सूर्या हांसदा अपने गांव में आदिवासी बच्चों को फ्री शिक्षा और आवास देने वाला एक स्कूल चलाते थे। 45 साल के हांसदा, कई राजनीतिक दलों के साथ रहे।सूर्या हांसदा पर 25 आपराधिक मामले भी दर्ज थे, जिसमें हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली, दंगा फैलाने के आरोपों से जुड़े मुकदमे शामिल हैं।
सूर्या हांसदा ने 2019 में लड़ा था विधानसभा चुनाव
राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे सूर्या हांसदा दो बार झारखण्ड विकास मोर्चा और बाद में इसका बीजेपी में विलय होने पर वे बीजेपी में शामिल होकर 2019 में विधानसभा चुनाव लड़े। बहरहाल बीजेपी इसे एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या बताकर सरकार पर सीबीआई जांच का दबाव बनाने में जुटी है।

