दुमका:पत्रकार से मारपीट-बदसलूकी मामले में हंसडीहा थाना प्रभारी को एसपी ने किया सस्पेंड…
दुमका।झारखण्ड के दुमका जिले हंसडीहा थाना प्रभारी के द्वारा पत्रकार मृत्युंजय पांडेय से दुर्व्यवहार और मारपीट करने के मामले में एसपी ने बड़ी कार्रवाई की गई है।विभागीय जांच के आधार पर दुमका एसपी ने हंसडीहा के थानेदार ताराचंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।ताराचंद्र के निलंबन के बाद, जिम्मी हांसदा को हंसडीहा थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इस सम्बंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आदेश जारी किया गया है।आदेश में लिखा है कि “श्री मृत्युंजय कुमार पांडे (पत्रकार),पिता-स्व० विपिन बिहारी पांडे, साकिन-दुधानी, थाना-नगर दुमका, जिला-दुमका द्वारा अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में एक आवेदन समर्पित कर उल्लेख किया गया है कि ये एवं नितेश कुमार दिनांक-27.12.2025 को माननीय मंत्री संजय यादव जी के माँ के श्राद्ध कर्म से अपनी कार से वापस दुमका आने के क्रम में समय लगभग 10:30 बजे रात्रि में हँसडीहा चौक पर चाय-पानी पीने हेतु रुके थे। उसी दौरान हँसडीहा थाना के प्राईवेट चालक एवं थाना प्रभारी हँसडीहा थाना द्वारा उक्त दोनों पत्रकार के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।
थाना प्रभारी,हँसडीहा थाना के विरूद्ध लगाये गये आरोप की जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु इस कार्यालय का ज्ञापांक-6428/गो०, दिनांक-28.12.2025 के द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जरमुण्डी, दुमका को निर्देश दिया गया।जिसके अनुपालन में इनके द्वारा कार्यालय ज्ञापांक-580/अनु०पु०पदा०, दिनांक-29.12.2025 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है। जिसमें पु०अ०नि० ताराचंद, थाना प्रभारी, हँसडीहा थाना द्वारा पत्रकार मृत्युंजय पाण्डे के साथ अभद्र व्यवहार एवं धक्का-मुक्की करने का उल्लेख किया गया है।
पु०अ०नि० ताराचंद द्वारा किये गये कृत्य से पुलिस की छवि धुमिल हुई है एवं उपरोक्त कृत्य इनके कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता, मनमानेपन आचरण को परिलक्षित करता है।
अतःपु०अ०नि० ताराचद, थाना प्रभारी, हँसडीहा थाना, दुमका को उक्त आरोप के लिए तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्देश दिया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पुलिस केन्द्र, दुमका होगा।

बता दें कि पत्रकार मृत्युंजय पांडेय के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई थी।मृत्युंजय पांडेय ने आरोप लगाया था कि हंसडीहा के तत्कालीन थानेदार ताराचंद्र ने उनके साथ ड्यूटी के दौरान अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। इस मामले ने तूल पकड़ा और पत्रकार संगठनों ने दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। ऐसे में पुलिस प्रशासन पर जल्द कार्रवाई करने का दबाव था।

