पीएलएफआई एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने किया सरेंडर, एक लाख का था ईनाम
राँची।झारखण्ड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है।प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने बुधवार 18 मार्च 2026 को खूंटी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।खूंटी पुलिस कार्यालय में आयोजित सादे समारोह में हाबिल मुंडू ने पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो और उपायुक्त आर. रोनिता के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उसे पुष्पगुच्छ और एक लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया गया।आत्मसमर्पण के दौरान हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने पुलिस को 1 पिस्टल (9 एमएम), 1 पिस्टल (7.65 एमएम), 1 देसी कट्टा, 13 जिंदा कारतूस और 2 वॉकी-टॉकी सौंपे।
पुलिस के अनुसार हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह वर्ष 2012 से पीएलएफआई संगठन से जुड़ा हुआ था और खूंटी, मुरहू, तोरपा, कर्रा समेत कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहा. उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें रंगदारी वसूली, लूट, फायरिंग और हत्या जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं।
आत्मसमर्पण के बाद हाबिल मुंडू ने बताया कि संगठन के भीतर शोषण, भय और लगातार सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण वह परेशान था।उसने कहा कि अब वह मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहता है और अपने परिवार के साथ नई शुरुआत करेगा।
खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि झारखण्ड पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान से उग्रवादी संगठनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ‘नई दिशा’ का सकारात्मक असर दिख रहा है, जिसके कारण कई उग्रवादी संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक यह आत्मसमर्पण एक बड़ी सफलता है। इससे पीएलएफआई संगठन को झटका लगेगा और आने वाले समय में और भी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की संभावना बढ़ेगी।

