अस्पताल के चौथे तल्ले से कूदकर मरीज ने दी जान, गंभीर रोग से था पीड़ित
जमशेदपुर।झारखण्ड के जमशेदपुर में डिमना रोड मानगो स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चौथे तल्ले से कूद कर 28 वर्षीय परसुडीह थाना के अंतर्गत रहने वाले एक मरीज ने आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार की सुबह लगभग 4 बजे की बतायी जा रही है। परिजनों ने बताया कि उसकी तबीयत खराब होने पर परिजनों ने 15 मार्च की सुबह अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया था। उसकी स्थिति थोड़ी ठीक होने पर 16 मार्च को इमरजेंसी से चौथे तल्ले में चल रहे मेडिकल वार्ड में भेज दिया गया।जहां पार्ट वन बेड नंबर 419 पर उसका इलाज हो रहा था।आज सुबह अचानक बेड से उठकर शौचालय जाने की बात बोलकर बाहर गया और वहीं खिड़की से नीचे कूद गया।
कूदने की जानकारी मिलते ही पूरे वार्ड में अफरा तफरी मच गयी।उसकी मां आवाज सुनकर बाहर निकली तो देखा कि उनका बेटा नीचे गिरा हुआ है। खून निकल रहा है।उसने शोर मचाया तो अस्पताल के सुरक्षाकर्मी सहित नर्स पहुंची. उसको उठाकर इमरजेंसी में ले गये जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि इसके पहले इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां एचआईवी और टीबी पॉजिटिव आने के बाद उसे एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया।परिजनों के अनुसार बीमारी के कारण तनाव में रहता था, शायद इसी वजह से उसने चौथे तल्ले से कूदकर आत्महत्या कर ली।

इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा, उपाधीक्षक डॉ जुझार मांझी पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी पुलिस ने आकर उसके शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया।
एमजीएम अस्पताल के चौथे तल्ले से कूदकर जान देने वाले की जांच करने पर डॉक्टरों ने पाया कि वह एड्स व टीबी बीमारी से पिछले चार साल से ग्रसित था। इतना ही नहीं परिजनों के अनुसार वह खूब नशा भी करता था। उसको सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि पहले उसने वार्ड की खिड़की से ही कूदने का प्रयास किया था, लेकिन हम लोगों ने देखा तो उसको पकड़ कर किसी तरह नीचे उतारा।उसके बाद वह अपने बेड पर चला गया।थोड़ी देर के बाद फिर उठा और अपनी मां से बोला कि वह शौचालय जा रहा है और शौचालय के बाहर बरामदे की खिड़की से कूद गया।हल्ला होने पर हम सभी वहां पहुंचे तो देखा कि वह जमीन पर पड़ा हुआ है।खून निकल रहा है। मृतक अविवाहित था। परिवार में मां के अलावा भाई और बहन हैं।
बता दें एमजीएम अस्पताल के डिमना शिफ्ट होने के बाद छह माह के अंदर अस्पताल से कूदकर जान देने की यह दूसरी घटना है। इसके पहले 24 अगस्त 2025 को बिरसा नगर जोन नंबर-3 निवासी रघुनाथ मुंडा (50 वर्ष) ने एमजीएम अस्पताल के मेडिकल विभाग के चौथे तल्ले की खिड़की से कूदकर जान दे दी थी।सुबह से ही वह अपने बेड से गायब था शाम में उसका शव अस्पताल के पीछे जमीन पर गिरा हुआ मिला था।परिजनों ने उसको पेट दर्द और दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था।उसकी पत्नी ने बताया कि उसका पति बहुत शराब पीता था।जिससे वह मनोरोगी हो गया था। साकची स्थित पुराने एमजीएम अस्पताल में भी इस तरह कूदकर जान देने की कई घटना हो चुकी है।

