फोन कर नाबालिग को बुलाया, फिर की दरिंदगी और हत्या; राँची पुलिस ने आरोपी को दबोचा….
राँची। झारखण्ड की राजधानी राँची के सिल्ली-मुरी इलाके में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 वर्षीय आरोपी भागवत महतो उर्फ भगवान दास महतो को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग को फोन कर बुलाने, उसके छोटे भाई पर पत्थर से हमला कर घायल करने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मारदू गांव के छापरगढ़ा जंगल की झाड़ियों से नाबालिग का शव बरामद किया। घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाने के साथ मृतका और आरोपी के मोबाइल फोन, कपड़े तथा अन्य सामान भी जब्त किए गए हैं।
पांच मिनट में लौटने की बात कहकर घर से निकली थी किशोरी
राँची पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को नाबालिग के पिता ने मुरी ओपी पहुंचकर अपनी बेटी के लापता होने की सूचना दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी 17 वर्षीय बड़ी बेटी दोपहर करीब दो बजे यह कहकर घर से निकली थी कि वह पांच मिनट में वापस आ जाएगी। लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।परिवार के लोगों ने अपने स्तर पर किशोरी की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसी दिन शाम करीब 7:30 बजे पिता मुरी ओपी पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को सूचना दी और उनके निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की।
जंगल की झाड़ियों के बीच मिला नाबालिग का शव
मामले की गंभीरता को देखते हुए राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में सिल्ली के पुलिस उपाधीक्षक मनीषचन्द्र लाल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई।पुलिस टीम ने किशोरी की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान 18 अक्टूबर की रात करीब 9:35 बजे मारदू गांव के छापरगढ़ा इलाके में जंगल और झाड़ियों के बीच नाबालिग का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर जांच तेज कर दी। मामले की तह तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए और अन्य जरूरी सुरागों की पड़ताल की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर भागवत महतो उर्फ भगवान दास महतो की पहचान कर उसे छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। आरोपी मारदू गांव का रहने वाला है। उसे पूछताछ के लिए मुरी ओपी लाया गया।पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर किशोरी को फोन कर बुलाने, उसके साथ आए छोटे भाई पर पत्थर से हमला कर उसे घायल करने और किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात स्वीकार की। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि नाबालिग की हत्या गला दबाकर की गई थी। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए जांच और साक्ष्यों का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।
मोबाइल फोन, कपड़े और चप्पल जब्त
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से मृतका का मोबाइल फोन, एक जोड़ी चप्पल और कपड़े बरामद किए। इसके अलावा आरोपी का मोबाइल फोन और कपड़े भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन सामानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।इस मामले में सिल्ली-मुरी ओपी कांड संख्या 66/2026, दिनांक 19 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 64(1) और 103(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4/6 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।गिरफ्तार आरोपी भागवत महतो उर्फ भगवान दास महतो, उम्र 23 वर्ष, पिता लाल मोहन महतो, ग्राम मारदू, थाना सिल्ली-मुरी ओपी, जिला राँची को न्यायालय में पेश करने के लिए भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
SIT के साथ स्निफर डॉग और FSL टीम ने भी की जांच
इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में पुलिस उपाधीक्षक मनीषचन्द्र लाल के नेतृत्व वाली टीम ने कार्रवाई की। टीम में मुरी ओपी प्रभारी विकास कुमार पासवान, सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार, मणिभूषण पासवान, रामदेव कुमार यादव, तकनीकी शाखा के सहायक अवर निरीक्षक बलेन्द्र कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।जांच में स्निफर डॉग टीम और राँची की FSL मोबाइल वैन टीम ने भी सहयोग किया। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और जब्त सामानों की जांच के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

