राँची में जमीन के नाम पर 12 लाख की ठगी, सदमे में पति की मौत; न्याय के लिए भटक रही 60 वर्षीय विधवा, जगन्नाथपुर थाने में FIR दर्ज
राँची।राँची के धुर्वा पानी टंकी क्षेत्र की रहने वाली 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला नीलम देवी के लिए अपने जीवन की गाढ़ी कमाई से जमीन खरीदना एक ऐसा नासूर बन गया, जिसने न केवल उनकी जमा-पूंजी छीन ली बल्कि उनके सुहाग को भी लील लिया। हटिया के टोनको हटिया में जमीन एग्रीमेंट के नाम पर बुतरू उरांव नामक व्यक्ति ने उनके परिवार से कुल 12 लाख रुपये ठग लिए। तीन वर्षों तक न तो जमीन की रजिस्ट्री की गई और न ही पैसे वापस मिले। इस भारी मानसिक प्रताड़ना और ठगी के सदमे के कारण 7 अगस्त 2025 को उनके पति शिवशंकर राम पंडित को दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया। अब पीड़िता की शिकायत पर जगन्नाथपुर पुलिस ने आरोपी बुतरू उरांव के खिलाफ धोखाधड़ी और चेक बाउंस का आपराधिक मामला दर्ज किया है।
3 डिसमिल जमीन का हुआ था सौदा, किस्तों में दिए गए पूरे 12 लाख रुपये
धुर्वा (क्वार्टर संख्या डीटी-2853, नियर पानी टंकी) निवासी नीलम देवी के अनुसार, उनके पति स्व० शिवशंकर राम पंडित ने हटिया टोंनको स्थित खाता संख्या 146, प्लॉट संख्या 1801 (कुल रकबा 10 डिसमिल में से 3 डिसमिल) जमीन खरीदने का एग्रीमेंट 7 अप्रैल 2023 को किया था। यह एग्रीमेंट हटिया निवासी बुतरु उरांव (पिता स्व० हरबु उरांव) के साथ हुआ था। एग्रीमेंट के वक्त पहली किस्त के रूप में 6,00,000 रुपये (छह लाख रुपये) नकद अग्रिम (एडवांस) दिए गए। इसके बाद बाकी बचे 6 लाख रुपये का भुगतान एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार 30 दिसंबर 2024 तक नकद, चेक और ऑनलाइन माध्यमों से विभिन्न तारीखों पर किया गया।
– 01 अक्टूबर 2023: 25,000 रुपये और 20,000 रुपये
– 19 अक्टूबर 2023: 1,25,000 रुपये
– 27 अक्टूबर 2023: 2,50,000 रुपये और 9,000 रुपये
– 18 नवंबर 2023: 20,000 रुपये 06 दिसंबर 2023: 30,000 रुपये
इस तरह कुल मिलाकर पीड़ित परिवार ने 12 लाख रुपये का पूरा भुगतान कर दिया।
झूठे दिलासे, बाउंस चेक और फोन नंबर ब्लॉक कर बना ली दूरी
एग्रीमेंट के करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी बुतरु उरांव ने न तो जमीन की रजिस्ट्री नीलम देवी के नाम की और न ही पैसे वापस लौटाए। जब पीड़ित परिवार ने कड़ा दबाव बनाया तो आरोपी ने भरपाई के नाम पर अपने एचडीएफसी बैंक के दो चेक सौंपे। चेक संख्या 000006 — 11,29,000 रुपये (ग्यारह लाख उनतीस हजार रुपये) चेक संख्या 000008 — 12,00,000 रुपये (बारह लाख रुपये) खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण बैंक ने दोनों चेक बाउंस कर दिए। जब भी पीड़िता संपर्क करती, बुतरु उरांव लगातार दो साल तक केवल झूठे आश्वासन देता रहा।
सदमे में उजड़ गया परिवार, नंबर बदलकर 6 महीने से था फरार
ठगी और आर्थिक बर्बादी का यह गहरा तनाव शिवशंकर राम पंडित बर्दाश्त नहीं कर सके और 7 अगस्त 2025 को हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद आरोपी ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए नीलम देवी और उनके बेटे का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। वह बार-बार अपने नंबर बदलता रहा, जिससे पिछले 6 महीनों से उससे कोई संपर्क नहीं हो सका। पीड़िता के पास उसकी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, जिसमें वह पैसे लौटाने की बात स्वीकार कर रहा है। पति के गुजरने के बाद पुत्र आजीविका के लिए बाहर रहता है। ऐसे में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने हिम्मत जुटाकर जगन्नाथपुर थाने में गुहार लगाई।

