ISIS आतंकी मॉड्यूल केस में NIA को बड़ी कामयाबी, डॉक्टर अदनानली सरकार दोषी करार, 6 साल की कठोर कैद और 65 हजार रुपये जुर्माना

–महाराष्ट्र ISIS टेरर मॉड्यूल मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, आतंकी संगठन के प्रचार, भर्ती और फंडिंग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच में हुआ था बड़ा खुलासा; पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी

डेस्क/मुंबई। महाराष्ट्र के चर्चित ISIS आतंकी मॉड्यूल मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली है। मुंबई की विशेष NIA अदालत ने आरोपी डॉक्टर अदनानली सरकार (Dr. Adnanali Sarkar) को आतंकवादी संगठन ISIS से जुड़े मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए अधिकतम छह वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर कुल 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

NIA की ओर से 7 नवंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र ISIS टेरर मॉड्यूल मामले में डॉक्टर अदनानली सरकार पांचवें आरोपी (A-5) के रूप में नामजद था। मुंबई स्थित विशेष NIA अदालत ने उसे UAPA की धारा 13, 18, 20, 38 और 39 तथा IPC की धारा 201 और 120-B के तहत दोषी ठहराया है।

गृह मंत्रालय से मिली सूचना के बाद दर्ज हुआ था मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत 28 जून 2023 को हुई थी। NIA की मुंबई शाखा ने गृह मंत्रालय (MHA) से प्राप्त सूचना के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि ISIS से जुड़े सदस्य भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने के लिए बड़ी साजिश रच रहे हैं।

मामले की जांच के दौरान NIA ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क और उसकी अंतरराष्ट्रीय कड़ियों का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि इस साजिश में विदेशों में बैठे ISIS के हैंडलर भी शामिल थे, जो भारत में अपने नेटवर्क के जरिए आतंकी संगठन की कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने में जुटे थे।

युवाओं की भर्ती से लेकर आतंकी फंडिंग तक का आरोप

NIA की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ISIS की विचारधारा को फैलाने, नए लोगों को संगठन से जोड़ने और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने जैसी गतिविधियों में शामिल थे। इसके अलावा ISIS के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न प्रचार सामग्री और ऑनलाइन पत्रिकाओं का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क के माध्यम से ‘वॉयस ऑफ हिंद’ (Voice of Hind) और ‘वॉयस ऑफ खुरासान’ (Voice of Khorasan) जैसी ISIS की प्रचार पत्रिकाओं को भी प्रसारित किया जा रहा था। इन गतिविधियों का उद्देश्य कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देना और संगठन के लिए नए लोगों की भर्ती करना था।

छह आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट

इस मामले में NIA ने कुल छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें शामिल हैं :

तबिश नासिर सिद्दीकी (Tabish Nasser Siddiqui)

जुल्फिकार अली बड़ोदावाला उर्फ लालभाई (Zulfikar Ali Barodawala)

शरजील शेख (Sharjeel Shaikh)

आकिफ अतीक नाचन (Aakif Ateeque Nachan)

जुबैर नूर मोहम्मद शेख उर्फ अबू नुसैबा (Zubair Noor Mohammad Shaikh)

डॉक्टर अदनानली सरकार (Dr. Adnanali Sarkar)

NIA की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विशेष अदालत ने आरोपपत्र में उल्लिखित प्रावधानों के तहत सभी छह गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। फिलहाल सभी छह आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ जारी रहेगी सुनवाई

डॉक्टर अदनानली सरकार को दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद भी इस मामले की कानूनी कार्रवाई समाप्त नहीं हुई है। NIA के अनुसार, इस मामले के शेष पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।

इस फैसले को महाराष्ट्र ISIS टेरर मॉड्यूल मामले में NIA की एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता माना जा रहा है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच में सामने आए अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, आतंकी संगठन के प्रचार नेटवर्क, युवाओं की भर्ती और फंडिंग से जुड़े पहलुओं ने इस साजिश की गंभीरता को उजागर किया था।

 

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