हजारीबाग के बड़कागांव में बुढ़वा महादेव मंदिर को लेकर दो गांवों में संग्राम, पथराव से मचा हड़कंप;पुलिस ने मामला शांत कराया…

 

हजारीबाग।मंदिर में पूजा, आस्था और विकास की बात होनी चाहिए, लेकिन हजारीबाग जिले के बड़कागांव में बुढ़वा महादेव मंदिर को लेकर दीपावली के दिन ऐसा विवाद खड़ा हो गया कि दो गांवों के लोग एक-दूसरे के सामने आ गए। देखते ही देखते मंदिर परिसर से शुरू हुआ विवाद गांवों तक पहुंच गया और रविवार को कांडतरी तथा गुरुचट्टी के ग्रामीणों के बीच जमकर पथराव हुआ। दोनों ओर से बड़ी संख्या में लोग जुट गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है।

मामला बड़कागांव थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध बुढ़वा महादेव मंदिर से जुड़ा है। यहां मंदिर में निर्माण कार्य और अधिकार को लेकर कांडतरी एवं गुरुचट्टी गांव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों गांवों के लोग मंदिर से जुड़े अधिकार और व्यवस्थाओं को लेकर आमने-सामने हैं। इसी विवाद ने अब हिंसक रूप ले लिया है।

मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हुई थी तनातनी

जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में कांडतरी गांव के लोगों की ओर से निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। गुरुचट्टी गांव के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि निर्माण कार्य को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई थी और आवेदन देकर काम पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच विवाद का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। धीरे-धीरे यह मामला तनाव का कारण बनता चला गया।

शनिवार रात दीप जलाने पहुंचे ग्रामीणों के साथ मारपीट का आरोप

विवाद ने शनिवार रात उस समय नया मोड़ ले लिया, जब गुरुचट्टी गांव के कुछ लोग दीप जलाने के लिए बुढ़वा महादेव मंदिर पहुंचे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि कांडतरी गांव के लोगों ने गुरुचट्टी गांव के अध्यक्ष, सचिव और अन्य लोगों के साथ मारपीट की।

इस घटना में बुढ़वा महादेव विकास सह शांति समिति के अध्यक्ष दामोदर प्रसाद मेहता की डस्टर गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस घटना के बाद गुरुचट्टी के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और दोनों गांवों के बीच तनाव गहरा गया।

रविवार सुबह दुकानें बंद कराने से फिर भड़का विवाद

शनिवार रात की घटना के बाद रविवार सुबह गुरुचट्टी गांव में कांडतरी के ग्रामीणों की दुकानों को बंद करा दिया गया। इसी बात को लेकर एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद कांडतरी गांव के लोग गुरुचट्टी में पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों ओर से ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।

पहले कहासुनी हुई और फिर मामला पथराव तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सड़क और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है, हालांकि घायलों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सैकड़ों ग्रामीण आमने-सामने, पुलिस ने संभाला मोर्चा

दो गांवों के बीच हिंसक टकराव की सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को शांत कराया गया। पुलिस की मौजूदगी के बाद तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।दोनों गांवों के लोगों से बातचीत किया गया।दिवाली जैसे बड़े त्यौहार में इस तरह आपस में भिड़ना ठीक नहीं है।उसके बाद दोनों गांव के लोग शान्त हुए। घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन किसी भी तरह की दोबारा हिंसा की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरत रहा है।

SDPO अमित आनंद की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें

बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। दोनों गांवों के लोगों को समझाने और विवाद को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने त्योहार के मद्देनजर सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।

आस्था के केंद्र पर विवाद से बढ़ी चिंता

बुढ़वा महादेव मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में मंदिर के निर्माण और अधिकार को लेकर दो गांवों के बीच पैदा हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है। एक ओर मंदिर की व्यवस्था और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद हैं, तो दूसरी ओर इन मतभेदों के कारण गांवों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति कायम रखना और किसी भी तरह की नई हिंसा को रोकना है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोनों गांवों के बीच वर्षों से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान निकालने में कितना सफल होता है।

 

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