JPSC घोटाले में भ्रष्टाचार की उड़ान.. सरकारी कुर्सी के दम पर पूरे परिवार ने TDPL के खर्च पर 10 बार भरी हवाई उड़ान, CID चार्जशीट में बड़ा खुलासा

 

राँची।झारखण्ड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितता मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को अनुसंधान के दौरान बेहद चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं।सीआईडी जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा से जुड़ी वेंडर एजेंसी से अफसरों व संबंधित कर्मियों ने न सिर्फ अनुचित साठगांठ रखी, बल्कि अपने निजी व पारिवारिक सुख-सुविधाओं के लिए एजेंसी के पैसों पर जमकर हवाई यात्राएं भी कीं।अदालत में दाखिल चार्जशीट के दस्तावेजों के अनुसार, सरकारी पद पर रहते हुए जान-बूझकर अपने अधीन कार्यरत एजेंसी टीडीपीएल से अपने और अपने परिजनों के लिए 10 बार निजी हवाई यात्रा का टिकट कराकर अवैध लाभ लिया गया।सीआईडी ने जांच में पाया है कि यह कृत्य सीधे तौर पर भ्रष्ट आचरण और पद के दुरुपयोग को प्रमाणित करता है।

सीआईडी ने केवल मौखिक बयानों के आधार पर नहीं, बल्कि तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण के जरिए इस साठगांठ की कड़ियां जोड़ी हैं। संबंधित एयरलाइंस से प्राप्त आधिकारिक अभिलेखों और टीडीपीएल एजेंसी के बैंक खातों के वित्तीय विश्लेषण से यह पुष्टि हुई कि टिकटों का भुगतान एजेंसी द्वारा किया गया था।

दस्तावेजों के अनुसार, इंडिगो एयरलाइंस के रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि विक्रम मेघवाल (पति), श्वेता गुप्ता और रामबीर सिंह ने 28 मई 2026 को फ्लाइट संख्या 6E398 से रांची से हैदराबाद की एक साथ यात्रा की थी।इस हवाई यात्रा की बुकिंग की सीधी पुष्टि रामबीर और श्वेता के बीच हुई वॉट्सऐप चैट से हुई है। सीआईडी के हाथ लगी यह चैट अब जांच एजेंसी के लिए एक अहम और पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बन चुकी है।

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