थाना प्रभारी के सामने महिला ने पी लिया जहर, मचा हड़कंप;तत्काल अस्पताल में कराया गया भर्ती, जमीन विवाद में 12 आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से थी नाराज

 

जमशेदपुर। झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना परिसर में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जमीन विवाद में न्याय की गुहार लगाने पहुंची एक महिला ने थाना प्रभारी के सामने ही जहर पी लिया। महिला की इस हरकत से थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने महिला को संभाला और उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए तत्काल पुलिस वाहन से एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद जमीन विवाद में दर्ज प्राथमिकी, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।घटना के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। थाने के भीतर थाना प्रभारी के सामने महिला के जहर पीने की घटना को लेकर जांच की जा रही है।जहर पीने के बाद उल्टी करती महिला

कार्रवाई की मांग लेकर पहुंची थी थाना, फिर अचानक उठाया खौफनाक कदम

जानकारी के अनुसार, बड़ाखुर्शी गांव की रहने वाली पद्मावती सिंह सोमवार को जमीन विवाद से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग लेकर गालूडीह थाना पहुंची थी। वहां उसने थाना प्रभारी अंकु कुमार के समक्ष अपनी शिकायत रखी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। महिला का आरोप था कि जमीन विवाद में उसके साथ मारपीट की गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।बताया जाता है कि अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग करते हुए महिला काफी क्षुब्ध थी। इसी दौरान उसने अचानक अपनी कमर से जहर की शीशी निकाली और थाना प्रभारी के सामने ही उसे पी लिया। महिला की इस हरकत से थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं।हॉस्पिटल ले जाते हुए

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल पुलिस वाहन से महिला को एमजीएम अस्पताल भिजवाया, जहां उसका इलाज कराया गया। घटना ने एक बार फिर जमीन विवाद से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के समाधान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी, गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप

पद्मावती सिंह ने जमीन विवाद को लेकर शंभु महतो, शिवशंकर महतो, जगदीश महतो समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे जमीन पर घसीटा। इस दौरान मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की बात भी सामने आई है।महिला का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इसके अलावा, उसने मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) की धाराएं नहीं जोड़े जाने पर भी नाराजगी जताई है।इसी कथित निष्क्रियता से क्षुब्ध होकर वह सोमवार को थाने पहुंची थी। अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग पूरी नहीं होने से नाराज महिला ने थाना परिसर में ही जहर पी लिया।हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

नेशनल हाईवे-33 के किनारे 5 एकड़ 74 डिसमिल जमीन को लेकर पुराना विवाद

जानकारी के मुताबिक, पायरागुड़ी गांव के बिरहीगोड़ा टोला के पास नेशनल हाईवे-33 के किनारे रैयत स्वर्गीय मनोरंजन भूमिज की करीब पांच एकड़ 74 डिसमिल जमीन है। इसी जमीन को लेकर महतो और भूमिज समुदाय के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।बताया जाता है कि जमीन को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार तनाव और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। विवाद की गंभीरता को देखते हुए मामले का निष्पक्ष तरीके से निपटारा किए जाने की जरूरत बताई जा रही है। जमीन के स्वामित्व, कब्जे और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अंचलाधिकारी की कार्यशैली पर भी उठे सवाल
इस मामले को लेकर आजाद पार्टी के जिला युवा उपाध्यक्ष विकास हेंब्रम ने घाटशिला के अंचलाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच कराने और मामले का त्वरित समाधान करने की मांग की है।घटना के बाद जमीन विवाद के निपटारे में संबंधित अधिकारियों की भूमिका और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान नहीं होने से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

वरीय पुलिस अधिकारियों ने लिया संज्ञान, जांच जारी

थाना परिसर में थाना प्रभारी के सामने महिला के जहर पीने की घटना को वरीय पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस महिला की शिकायत, जमीन विवाद से जुड़े आरोपों और प्राथमिकी के बाद की गई कार्रवाई के पहलुओं को देख रही है।फिलहाल इस घटना ने गालूडीह क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर चल रहे तनाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जमीन विवाद को लेकर पहले से प्राथमिकी दर्ज है, तो मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और विवाद के समाधान की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं। जांच के बाद ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आ सकेगा।

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