लातेहार में आदिवासी महिला से मारपीट के आरोप में थाना प्रभारी और सिपाही सस्पेंड, अफीम कनेक्शन की जांच तेज..
–CM हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई, एसपी कुमार गौरव ने गठित की जांच कमेटी
लातेहार। आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट, दुर्व्यवहार और जातिसूचक गालियां देने के गंभीर आरोपों पर लातेहार एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुमार गौरव ने बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और सिपाही मनीष राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बालूमाथ एसडीपीओ और महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है।
इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब आदिवासी महिला के साथ कथित पुलिस प्रताड़ना की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई। मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने स्वयं संज्ञान लेते हुए लातेहार पुलिस को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह की स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना प्रभारी और सिपाही को निलंबित कर दिया।
बकरी चरा रही महिला को पूछताछ के लिए ले जाने का आरोप
सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, महिला बकरी चरा रही थी। इसी दौरान बारियातू थाना प्रभारी और तीन अन्य पुरुष पुलिसकर्मी कथित तौर पर सादे लिबास में वहां पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ मारपीट की और उसे अपने साथ थाने ले गए। महिला के साथ रास्ते में मारपीट करने, थाने में प्रताड़ित करने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच की जा रही है।
अफीम कारोबार से जुड़े मामले में पूछताछ का दावा
बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम अफीम कारोबार से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए महिला को थाने लेकर गई थी। पुलिस की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला ने एक पुलिसकर्मी को दांत काट लिया था। हालांकि, इस दावे और महिला के साथ कथित मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
जांच कमेटी करेगी पूरे मामले की पड़ताल
एसपी कुमार गौरव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निलंबन की कार्रवाई के साथ जांच कमेटी का गठन किया है। अब जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि महिला को पूछताछ के लिए किन परिस्थितियों में ले जाया गया, पुलिसकर्मियों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया या नहीं और मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोपों में कितनी सच्चाई है।फिलहाल, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से मामला चर्चा में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।

