ओडिशा में विजिलेंस की बड़ी रेड, मृदा संरक्षण उप निदेशक के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
–आय से अधिक संपत्ति के आरोप में कार्रवाई, भुवनेश्वर से कटक और सुंदरगढ़ तक पहुंचीं जांच टीमें
राउरकेला।ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने सुंदरगढ़ के मृदा संरक्षण उप निदेशक सह वाटरशेड परियोजना निदेशक प्रसन्न कुमार पात्रा के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को उनके आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में अधिकारी के आवास, कार्यालय और उनके रिश्तेदारों से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।
विजिलेंस की टीमें भुवनेश्वर, सुंदरगढ़ और कटक जिले में एक साथ जांच कर रही हैं। इस दौरान अधिकारी की संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और निवेश से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। छापेमारी के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
सर्च वारंट के आधार पर कार्रवाई
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, सुंदरगढ़ के विशेष विजिलेंस न्यायाधीश द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। अभियान को अंजाम देने के लिए एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), चार डीएसपी, 13 इंस्पेक्टर, पांच एएसआई और अन्य कर्मचारियों को शामिल किया गया है। अलग-अलग टीमों को विभिन्न ठिकानों पर तलाशी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आवास से कार्यालय और ससुराल तक तलाशी
विजिलेंस की जांच के दायरे में भुवनेश्वर के नयापल्ली स्थित श्रावणी रेजीडेंसी की दूसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर-8 शामिल है। इसके अलावा मंचनाथ विला के फेज-2 में स्थित एम-105, एम-110 और एम-115 नंबर के तीन दोमंजिला आवासीय भवनों तथा बलियंता में स्थित एक अन्य दोमंजिला इमारत में भी तलाशी ली जा रही है।
वहीं, सुंदरगढ़ स्थित मृदा संरक्षण उप निदेशक सह वाटरशेड परियोजना निदेशक के कार्यालय में अधिकारी के कक्ष और कार्यालय के सामने स्थित उनके सरकारी आवास की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही कटक जिले के बांकी थाना क्षेत्र के चर्चिका गांव स्थित उनके ससुराल में भी विजिलेंस की टीम तलाशी अभियान चला रही है।
बैंक खातों और निवेश की भी होगी जांच
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े इस मामले में विजिलेंस की टीमें अधिकारी की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही हैं। बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और निवेश से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि संपत्ति के ज्ञात आय स्रोतों से उसका मिलान किया जा सके।फिलहाल छापेमारी जारी है। जांच पूरी होने और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही कथित आय से अधिक संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अभी तक बरामद नकदी, आभूषण या अन्य संपत्तियों के मूल्य को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।

