कुजू के जंगलों में ड्रोन से खुला अवैध कोयले का खेल, 48 टन कोयला और 80 विस्फोटक बरामद; एक गिरफ्तार
राँची/रामगढ़। झारखण्ड के कोयलांचल में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ सीआईएसएफ ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए बड़ा प्रहार किया है।सीसीएल कुजू प्रक्षेत्र के महुआ टोंगरी जंगल में सीआईएसएफ, (एनके व पिपरवार) की टीम ने गुरुवार को ड्रोन सर्विलांस के आधार पर सघन सर्च अभियान चलाकर अवैध कोयला खनन के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।कार्रवाई में लगभग 48.670 टन कच्चा कोयला, भारी मात्रा में विस्फोटक, दो ट्रैक्टर और एक ड्रिल कंप्रेसर मशीन जब्त की गई है। मौके से एक संदिग्ध को भी दबोचा गया।
आसमान से रखी नजर, जमीन पर घेराबंदी
सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार के दिशा-निर्देश पर सुरक्षा बल पहले से महुआ टोंगरी और आसपास के जंगली इलाके पर नजर बनाए हुए थे।घने जंगलों में छिपे अवैध ठिकानों का पता लगाने के लिए जब ड्रोन सर्विलांस किया गया, तो कैमरे में पेड़ों के बीच भारी मात्रा में कोयले का स्टॉक और खनन गतिविधियां कैद हो गईं।पुख्ता इनपुट मिलते ही ग्राउंड टीम ने तुरंत इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। अचानक हुई इस छापेमारी से खनन में लगे लोगों में भगदड़ मच गई। टीम ने मौके से दीनानाथ महतो (30) नामक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।
क्या-क्या हुआ बरामद
सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम ने अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी और विस्फोटक बरामद किए
अवैध कोयला: 48.670 टन (सरकारी दर 2,100 प्रति टन के आधार पर कुल अनुमानित कीमत 1,02,207)
विस्फोटक सामग्री: 80 पीस विस्फोटक और 2 बंडल विद्युत तार
वाहन: एक ट्रैक्टर (जेएच-10एएल-2081), एक बिना नंबर का ट्रैक्टर और हीरो होंडा पैशन प्रो बाइक (जेएच-02-एजी-5846)
चट्टानें तोड़ने में इस्तेमाल होने वाली एक ड्रिल कंप्रेसर मशीन
आरोपी पर एमएमडीआर एक्ट के तहत केस
जब्त कोयले, कंप्रेसर मशीन और वाहनों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सीसीएल कुजू प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को सुपुर्द किया जा रहा है। वहीं पकड़े गए आरोपी दीनानाथ महतो को मांडू थाना क्षेत्र अंतर्गत कुजू ओपी के हवाले कर दिया गया है, जहां उसके खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।इस अभियान में डिप्टी कमांडेंट अजय कुमार पांडेय, सहायक कमांडेंट हर्ष लवानिया, इंस्पेक्टर एस.के. साहा, इंस्पेक्टर जैनुल अंसारी (सीसीएल सिक्योरिटी) और एसआई अनिल कुमार राय (क्राइम विंग) मुख्य रूप से शामिल रहे।
कमांडेंट अमित कुमार ने कहा कि सीसीएल क्षेत्र में राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी और अवैध खनन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि माफिया अब जंगलों के अंदर छिपकर खनन करते हैं, इसलिए ड्रोन तकनीक और जमीनी इंटेलिजेंस का संयुक्त इस्तेमाल आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

