38,957 आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचेगी ‘झारखण्ड बाड़ी’ पत्रिका, 9 करोड़ होंगे खर्च
-24 जिलों के केंद्रों पर हर महीने भेजी जाएंगी 5-5 प्रतियां, सालभर में बंटेंगी 23.37 लाख से अधिक मैगजीन; कुपोषण मिटाने, मातृत्व स्वास्थ्य व महिला सशक्तिकरण की दी जाएगी जानकारी
राँची।झारखण्ड के सुदूर ग्रामीण व शहरी इलाकों में संचालित सभी 38,957 आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्य सरकार अब ज्ञान और जागरूकता के नए माध्यम से लैस करने जा रही है। समाज कल्याण निदेशालय (महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग) ने मासिक पत्रिका ‘झारखण्ड बाड़ी’ के मुद्रण एवं प्रकाशन के लिए 9 करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। इसके तहत चयनित एजेंसी के माध्यम से राज्य के सभी 24 जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अगले 24 महीनों तक हर महीने नियमित रूप से रंगीन पत्रिका पहुंचाई जाएगी. विभागीय योजना के मुताबिक, प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को हर माह पत्रिका की 5-5 प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।इस लिहाज से प्रतिमाह राज्यभर में कुल 1,94,785 प्रतियां और एक वर्ष में 23 लाख 37 हजार 420 प्रतियों का वितरण किया जाएगा।सबसे ज्यादा मासिक खपत रांची (14,205 प्रति), पलामू (13,145 प्रति) और गिरिडीह (12,210 प्रति) जिले में होगी।
40 पन्नों की मल्टीकलर मैगजीन में दिखेगी पोषण, टीकाकरण और योजनाओं की तस्वीर
‘झारखण्ड बाड़ी’ पत्रिका 40 पन्नों की बहुरंगी (मल्टीकलर) और उच्च गुणवत्ता वाले आर्ट पेपर पर तैयार की जाएगी. इस पत्रिका का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता फैलाना है।
– गर्भावस्था व प्रसव के बाद के आदर्श आहार, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, स्तनपान और स्वच्छता आदतों की जानकारी दी जाएगी.
– बच्चों में कुपोषण उन्मूलन और किशोरियों व महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) दूर करने के उपायों पर विशेष लेख होंगे.
– बच्चों, किशोरियों, महिलाओं, दिव्यांगों व बुजुर्गों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और प्रेरक कहानियों को इसमें प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.

