अरब सागर में ड्रग्स तस्करी पर बड़ा प्रहार, 526 किलो नशीला पदार्थ बरामद; पांच पाकिस्तानी गिरफ्तार
डेस्क/मुंम्बई। अरब सागर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई की है। लक्षद्वीप के पश्चिम में समुद्री क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान में एक संदिग्ध ईरानी नाव को रोककर करीब 526 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद खेप में हेरोइन और मेथामफेटामाइन शामिल होने की बात कही गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।कार्रवाई के दौरान नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें भारत के किस हिस्से में पहुंचाया जाना था।
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को समुद्र के रास्ते मादक पदार्थों की बड़ी खेप पहुंचाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र और हवाई निगरानी को सक्रिय किया।संदिग्ध गतिविधि वाली एक नाव पर लगातार नजर रखी गई।बताया गया है कि 25 सितंबर 2026 को संदिग्ध नाव की पहचान के बाद तटरक्षक बल ने उसका पीछा किया और उसे रोककर तलाशी अभियान चलाया। नाव की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद हुआ।
नाव और पांचों आरोपी मुंबई लाए गए
कार्रवाई के बाद संदिग्ध नाव, उसमें सवार पांच लोगों और बरामद नशीले पदार्थ को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुंबई लाया गया। यहां विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से संयुक्त पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।जांच का फोकस अब तस्करी के पूरे नेटवर्क पर है।एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि खेप का स्रोत क्या था,समुद्र में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी और इसके पीछे भारत या विदेश में कौन-कौन से लोग और नेटवर्क सक्रिय हैं।
समुद्री रास्ते से ड्रग्स तस्करी पर एजेंसियों की पैनी नजर
अरब सागर का इस्तेमाल लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में भारतीय तटरक्षक बल के साथ गुजरात ATS, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और अन्य एजेंसियां समन्वय में कार्रवाई करती रही हैं।
भारतीय तटरक्षक बल के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले वर्षों में गुजरात ATS और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर अरब सागर में कई पाकिस्तानी नावों को रोका गया और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।मार्च 2024 में भी ICG, NCB और गुजरात ATS की संयुक्त कार्रवाई में एक पाकिस्तानी नाव से करीब 80 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया था,जिसकी कीमत करीब 480 करोड़ रुपये बताई गई थी।इसी तरह अप्रैल 2025 में गुजरात ATS के साथ एक संयुक्त अभियान में 307.50 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किए जाने का रिकॉर्ड भी भारतीय तटरक्षक बल ने दर्ज किया है।
अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
526 किलोग्राम की कथित बरामदगी को देखते हुए जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस समुद्री खेप के पीछे मौजूद नेटवर्क तक पहुंचना होगी। पांचों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के रूट, संपर्कों, संभावित रिसीवर और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी कड़ियों की जांच की जा सकती है।फिलहाल एजेंसियां बरामद पदार्थ की अंतिम रासायनिक पुष्टि, उसकी अलग-अलग मात्रा और तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं। मामले में आगे की जानकारी संयुक्त जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
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