बेटी का पार्थिव शरीर देख बेसुध हुईं माँ, पिता ने दी मुखाग्नि;सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की आंखों से भी छलके आंसू

 

राँची। एक माता-पिता लिए इससे बड़ा दुख शायद ही कुछ हो सकता है कि जिस बेटी को उसने हंसते-खेलते देखा, उसी बेटी को अपनी आंखों के सामने अंतिम विदाई देनी पड़े। झारखण्ड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की 18 वर्षीय बेटी तृषा सिंह गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। सीठियो श्मशान घाट पर पिता रत्नेश सिंह ने भारी मन से बेटी को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के इस दृश्य ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।

स्मार्ट सिटी स्थित मंत्री आवास पर सुबह से ही शोक जताने वालों का पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे ही तृषा का पार्थिव शरीर आवास पहुंचा, वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया। बेटी का पार्थिव शरीर देखते ही मां दीपिका पांडेय सिंह बेसुध हो गईं। परिवार के लोग उन्हें संभालते रहे। पिता रत्नेश सिंह भी बेटी को अंतिम बार देखकर भावुक हो उठे।मंत्री आवास पर मौजूद हर चेहरा गमगीन था। परिवार, रिश्तेदार, शुभचिंतक, मंत्री, विधायक, कांग्रेस कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए। महगामा और जमशेदपुर से भी परिवार के सदस्य राँची पहुंचे।

तृषा सिंह को अंतिम विदाई देने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन भी मंत्री आवास पहुंचे। दोनों ने तृषा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मुलाकात की।इस दौरान माहौल इतना भावुक था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। कल्पना सोरेन ने गम में डूबी दीपिका पांडेय सिंह को संभाला और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री भी कुछ देर तक परिवार के साथ रहे। तृषा के निधन के बाद मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से भी शोक व्यक्त किया है।

18 दिन में दूसरी बार भावुक हुए मुख्यमंत्री
तृषा की मौत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी भावुक कर दिया। तृषा के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते समय उनकी आंखें नम हो गईं। परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री ने तृषा के निधन को बेहद पीड़ादायक बताया और दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। 18 दिनों के भीतर यह दूसरा मौका है जब किसी करीबी के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक नजर आए। इससे पहले एक मंत्री के निधन के बाद भी मुख्यमंत्री की आंखें नम हुई थीं।

सीठियो श्मशान घाट में अंतिम विदाई
मंत्री आवास से देर शाम में तृषा की अंतिम यात्रा सीठियो श्मशान घाट के लिए निकली। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। कांग्रेस के मंत्री, विधायक, कार्यकर्ता और परिवार के सदस्य श्मशान घाट पहुंचे।श्मशान घाट पर भी माहौल बेहद गमगीन रहा। पिता रत्नेश सिंह ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। परिवार के लिए यह वह पल था, जिसे शायद कोई भी माता-पिता कभी नहीं देखना चाहते।

तृषा के साथ तीन और घरों की खुशियां भी उजड़ गईं
तृषा सिंह की मौत अकेले एक परिवार की त्रासदी नहीं है। जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के दोमुहानी-मरीन ड्राइव के पास गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में तृषा समेत चार युवाओं की मौत हुई। मृतकों में तृषा सिंह, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल शामिल हैं। चारों कार्मेल जूनियर कॉलेज के 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं थे।

पुलिस के अनुसार, हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। कार सड़क किनारे खराब होकर खड़े ट्रक/ट्रेलर के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और शवों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर की मदद लेनी पड़ी। चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

नाइट स्टडी के बाद निकले थे चारों दोस्त
रिपोर्टों के मुताबिक, चारों दोस्त नाइट स्टडी के लिए साथ थे। देर रात करीब दो बजे वे कार से बाहर निकले थे। इसके बाद वे मरीन ड्राइव की ओर गए और दोमुहानी के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में कार की तेज रफ्तार की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई है, हालांकि हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है। एक तरफ चार परिवार अपने बच्चों के लौटने का इंतजार कर रहे थे, वहीं कुछ ही देर बाद चार घरों में मातम पसर गया। तृषा की मौत की खबर सामने आते ही राँची से लेकर जमशेदपुर और महगामा तक शोक की लहर दौड़ गई।

बेटी की मौत की खबर सुनकर विशेष विमान से लौटीं मंत्री
हादसे की सूचना मिलने के समय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह राँची से बाहर थीं। घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें वापस लाने की व्यवस्था की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर मंत्री को विशेष विमान राँची लाया गया।

कैबिनेट की बैठक भी स्थगित
तृषा सिंह के असमय निधन के बाद राज्य सरकार ने 25 सितंबर को प्रस्तावित मंत्रिपरिषद की बैठक स्थगित कर दी है। इसकी सूचना मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग की ओर से जारी की गई। कैबिनेट बैठक स्थगित होने के साथ ही राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी इस हादसे का असर दिखा। मंत्री, विधायक और विभिन्न दलों के नेताओं ने दीपिका पांडेय सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।

अंतिम जोहार तृषा…
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तृषा के निधन पर भावुक संदेश साझा करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

जिस घर में बेटी की हंसी गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा है। मां की आंखों के सामने बेटी की आखिरी तस्वीर है, पिता के हाथों से बेटी को अंतिम विदाई मिली और पूरा परिवार इस असहनीय दुख के बीच खड़ा है।

 

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