राँची से कोलकाता बस सफर पड़ा भारी, चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर सीनियर एडवोकेट को लूटा

 

राँची।झारखण्ड हाईकोर्ट में पिछले करीब 30 वर्षों से वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रंजन प्रसाद सिन्हा नशाखुरानी गिरोह के शिकार हो गए हैं।अंतरराज्यीय बस में सफर के दौरान साजिश के तहत उन्हें चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया गया और 11 ग्राम सोने के गहने समेत 15 हजार रुपये नकद लूट लिए गए। इसके बाद गिरोह ने उन्हें कोलकाता के बाबूघाट के पास पेट्रोल पंप के समीप सड़क किनारे लावारिस हालत में फेंक दिया। मामले में पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।पुलिस बस कर्मचारियों और सह-यात्री की मिलीभगत के बिंदु पर पड़ताल कर रही है।

पीड़ित अधिवक्ता रंजन प्रसाद सिन्हा (पिता- स्व. भारती प्रसाद सिन्हा) के अनुसार, उनके साले शक्ति शरण कोलकाता स्थित बी.एम. बिड़ला हार्ट अस्पताल में भर्ती थे और 10 सितंबर को उनका हार्ट ऑपरेशन होना था। इसी सिलसिले में वे 7 सितंबर को राँची के खादगढ़ा (कांटाटोली) बस स्टैंड से ‘श्री साईं बस’ के स्लीपर कोच (सीट संख्या BS-6) पर सवार हुए थे।बस में चढ़ने पर कर्मचारियों ने उनकी सीट को फीमेल कोटे में बुक बताकर पहले सीट संख्या 15 और फिर ज्यादा आरामदायक बताकर सीट संख्या 11 पर शिफ्ट कर दिया। सीट नंबर 11 के बगल में पहले से एक यात्री बैठा हुआ था।

रात में जमशेदपुर लाइन होटल (रॉयल लोलो) के पास जब बस रुकी, तो बगल वाली सीट का पैसेंजर अधिवक्ता से लगातार चाय पीने का आग्रह करने लगा। अधिवक्ता द्वारा मना करने के बावजूद उसने जबरन चाय का कुल्हड़ पकड़ा दिया।शिष्टाचारवश अधिवक्ता ने जैसे ही चाय की एक-दो घूंट पी, बस में बैठते ही वे अचेत होकर गहरी नींद में चले गए।अगली सुबह बस के बाबूघाट पहुंचने पर जब राँची से परिजनों के फोन का जवाब नहीं मिला, तब वहां मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने उनका फोन उठाया और वीडियो कॉल के जरिए पेट्रोल पंप के पास उनके लावारिस व बेहोश पड़े होने की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस और उनके स्थानीय रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और अधिवक्ता को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल कोलकाता में भर्ती कराया। इलाज के बाद जब उन्हें होश आया, तो उनके हाथ की दो सोने की अंगूठी, गले की सोने की चेन (कुल वजन 11 ग्राम सोना) और जेब में रखे करीब 15 हजार रुपये नकद गायब मिले।अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि श्री साईं बस के ड्राइवर, कंडक्टर, खलासी और मालिक की मिलीभगत से अपराधी पैसेंजर ने पूरी साजिश रचकर जानलेवा नशीला पदार्थ पिलाया और लूटपाट के बाद उन्हें मरने के लिए सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस बस के टिकट बुकिंग चार्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी सह-यात्री और बस कर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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