देश के टॉप-25 पुलिस कप्तानों में धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार, 18वें पायदान पर; झारखण्ड से इकलौता नाम, फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे में प्रभात कुमार के नेतृत्व और रणनीतिक पुलिसिंग को मिली राष्ट्रीय पहचान
धनबाद। कोयलांचल में अपराध और संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे 2026 में देश के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में प्रभात कुमार ने 18वां स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित टॉप-25 सूची में पूरे झारखण्ड से सिर्फ प्रभात कुमार का नाम शामिल किया गया है।
फेम इंडिया ने प्रभात कुमार के प्रोफाइल को “संगठित अपराध के खिलाफ सख्त और रणनीतिक पुलिसिंग” शीर्षक दिया है। सर्वे में उनके नेतृत्व में धनबाद पुलिस की अपराध नियंत्रण की रणनीति, संगठित अपराध के नेटवर्क पर कार्रवाई, फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान और पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के प्रयासों को प्रमुखता दी गई है।
बैंक मैनेजर से आईपीएस तक का सफर
फेम इंडिया के मुताबिक प्रभात कुमार मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के मौना विशुनपुर गांव के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा सरकारी विद्यालय में हुई। उन्होंने मुजफ्फरपुर से इंटरमीडिएट और स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद महाराष्ट्र से एमबीए किया। आईपीएस बनने से पहले वह एक निजी बैंक में मैनेजर के रूप में काम कर चुके हैं।नौकरी के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखते हुए उन्होंने 2013 की यूपीएससी परीक्षा पास की और झारखण्ड कैडर हासिल किया। वह 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
रामगढ़, जमशेदपुर और पाकुड़ में भी संभाली कमान
पुलिस सेवा के दौरान प्रभात कुमार ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह रामगढ़ के एसपी, जमशेदपुर के एसएसपी और पाकुड़ के एसपी रह चुके हैं। धनबाद आने से पहले वह पाकुड़ के एसपी के पद पर तैनात थे। अलग-अलग जिलों में काम करने के अनुभव ने उन्हें ग्रामीण और शहरी कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की व्यापक समझ दी। 28 मई 2025 को उन्होंने धनबाद एसएसपी का पदभार संभाला। इसके बाद से संगठित अपराध, आर्थिक अपराध, फरार अपराधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर उनकी विशेष नजर रही है।
1799 आरोपियों को भेजा जेल
फेम इंडिया की रिपोर्ट में धनबाद पुलिस की वर्ष 2025 की कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान के दौरान 1,799 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें हत्या, डकैती, लूट, चोरी, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और हथियार से जुड़े मामले शामिल थे।
संगठित अपराध के लिए बनाई विशेष कोर टीम
धनबाद जैसे औद्योगिक और कोयलांचल क्षेत्र में संगठित अपराध बड़ी चुनौती रहा है। प्रभात कुमार ने इस चुनौती से निपटने के लिए संगठित अपराध पर केंद्रित विशेष कोर टीम तैयार की। इसका उद्देश्य सक्रिय गिरोहों और उनके अपराध करने के तरीकों का विश्लेषण कर उनके नेटवर्क को तोड़ना रहा।
कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को भी फेम इंडिया ने प्रभात कुमार की पुलिसिंग के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक उसके सहयोगियों और नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया गया तथा वासेपुर में उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी हुई।
एक दिन में 249 वारंट का निष्पादन
वर्ष 2026 में फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया गया। फेम इंडिया के अनुसार, अप्रैल में धनबाद पुलिस ने एक ही दिन जिलेभर में 249 लंबित वारंटों का निष्पादन किया और 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें गिरफ्तारी वारंट के अलावा गवाह, कुर्की और स्थायी वारंट भी शामिल थे।
शिकायतों के निस्तारण पर भी जोर
एसएसपी प्रभात कुमार ने अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस की जवाबदेही और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया। फेम इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जून 2026 में धनबाद पुलिस ने पीजी पोर्टल पर दर्ज 376 शिकायतों का निस्तारण किया। लंबित मामलों को भी समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटाने के निर्देश दिए गए।
अपराध में करीब 30 प्रतिशत कमी
फेम इंडिया की रिपोर्ट में धनबाद पुलिस की अपराध समीक्षा का हवाला देते हुए बताया गया है कि जुलाई 2026 की समीक्षा में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अपराध में करीब 30 प्रतिशत कमी दर्ज की गई। इसके अलावा पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए जून 2026 में 2,586 पुलिस अधिकारियों और जवानों का वार्षिक फायरिंग दक्षता अभ्यास भी कराया गया।
राष्ट्रीय सूची में जगह बनना धनबाद के लिए भी गौरव
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट ने देशभर के जिला पुलिस प्रमुखों के बीच विभिन्न मानकों के आधार पर सर्वे किया। इसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था में सुधार, जनमित्र पुलिसिंग, दूरदर्शी नेतृत्व एवं नवाचार, जवाबदेह एवं पारदर्शी कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता, संकट प्रबंधन, व्यवहार कुशलता, जनसंपर्क और सार्वजनिक छवि जैसे मानकों को शामिल किया गया।
इसी मूल्यांकन के बाद प्रकाशित देश के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार को 18वां स्थान मिला है। झारखण्ड से इस सूची में उनका अकेला नाम होना राज्य पुलिस और धनबाद के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है।
फेम इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रभात कुमार की पुलिसिंग का फोकस साफ है।संगठित अपराध के नेटवर्क पर प्रहार, फरार अपराधियों पर शिकंजा, बेहतर जांच, पुलिस बल की क्षमता बढ़ाना और आम नागरिक की शिकायतों का त्वरित समाधान।

