पद्म पुरस्कार 2026ःदिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को मिला पद्म भूषण…
राँची।झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मानित किया गया है।केंद्र सरकार ने रविवार को पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है।यह पुरस्कार हर साल विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिए जाते हैं। दिशोम गुरु को यह सम्मान लोक कल्याण के क्षेत्र में किए गए उनके कार्यों के लिए दिया गया है।
झारखण्ड में आदिवासियों के सर्वमान्य नेता शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ के नेमरा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सोबरन सोरेन है।उनका प्रारंभिक शिक्षा रामगढ़ में ही हुई।
13 साल की उम्र में उनके पिता की ह्त्या कर दी गई। इस घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी. उन्होंने महाजनों के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों को जागरुक किया। उनके इस आंदोलन काफी प्रभावी रहा।महाजनों से ग्रामीणों को जमीन दिलाने में वे काफी हद तक सफल रहे।
लोग उन्हें प्यार और सम्मान से गुरुजी कहने लगे।शिबू सोरेन को राजनीतिक पहचान मिली संथाल इलाके से। यहां पर उन्हें दिशोम गुरु कहा जाने लगा।
चार दशकों तक शिबू सोरेन झारखण्ड और देश की राजनीति पर वो छाये रहे।समाजसेवी, आंदोलनकारी, विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप उन्होंने अपनी छाप छोड़ी।वो झारखण्ड के तीन बार सीएम रहे। पहली बार 2005, दूसरी बार 2008 और तीसरी बार 2009 में वो मुख्यमंत्री बने।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन दुमका से 8 बार सांसद बने, राज्यसभा सदस्य भी रहे। वहीं केंद्र में तीन बार मंत्री पद पर भी आसीन हुए।ग्राम पंचायत से देश की सबसे बड़ी पंचायत तक उन्होंने आदिवासी, गरीबों की आवाज बुलंद की। 81 साल की उम्र में 2025 में उनका निधन हो गया।
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