लोन दिलाने के नाम पर 18 लोगों से 6 लाख की ठगी, पुंदाग में कैपिटल मैनेजमेंट का ऑफिस खोलकर बिछाया जाल..प्राथमिकी दर्ज..

 

राँची।राँची के पुंदाग ओपी क्षेत्र में विभिन्न वित्तीय संस्थानों से सस्ता लोन दिलाने का झांसा देकर एक दर्जन से अधिक कारोबारियों व जरूरतमंदों से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुंदाग स्थित लाला लाजपत राय रोड में नागा टावर के पीछे ‘कैपिटल मैनेजमेंट’ नाम से दफ्तर खोलकर यह गोरखधंधा चलाया जा रहा था। मामले में लोअर बाजार थाना क्षेत्र के डॉ. फतुल्लाह रोड (ताहिर गली) निवासी गजाला परवीन की शिकायत पर पुंदाग ओपी में नुपूर सिंह राजपूत और उसके सहयोगी सुमित के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता गजाला परवीन के पति मो. एजाज डेली मार्केट में सब्जी का थोक कारोबार करते हैं। कारोबार विस्तार के लिए जब उन्हें पैसे की जरूरत थी, तब उनके मोबाइल पर नुपूर सिंह राजपूत का फोन आया। उसने खुद को कैपिटल मैनेजमेंट का संचालक बताते हुए चोलामंडलम और बजाज फाइनेंस से 20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराने का झांसा दिया। इसके एवज में बीमा और फाइल प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने झांसे में आकर 10 जुलाई को दफ्तर के स्कैनर पर 22 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और 13 जुलाई को 16 हजार रुपये नकद दिए। कुल 38 हजार रुपये ऐंठने के बाद आरोपी महिला टालमटोल करने लगी और पैसे वापस मांगने पर गाली-गलौज व धमकी देने लगी।

पीड़िता जब 18 सितंबर को उसके कार्यालय पहुंची, तो वहां पहले से ही 10-15 अन्य पीड़ित मौजूद मिले, जिन्हें इसी तरह लोन का झांसा देकर ठगा गया था। जांच में सामने आया कि गिरोह ने संगठित तरीके से गजाला परवीन समेत कुल 18 लोगों से 6,01,200 रुपये की अवैध वसूली की है।

अन्य पीड़ितों में गोपी नायक (49 हजार), सचिन उरांव (49 हजार), जूलियस वैलेंटाइन (35 हजार), कौशल्या देवी (10 हजार), अनिल उरांव (30 हजार), आशिक आलम (45 हजार), अखिलेश कुमार (16,700), सुधीर साव (43,500), कार्तिक प्रसाद (30 हजार), इमरान अंसारी (80 हजार), विनय कुमार (25 हजार), इदरीश अंसारी (20 हजार), तेजू उरांव (9 हजार), देवनाथ महतो (65 हजार), सावित्री देवी (25 हजार), मो. आजम (15 हजार) और बासुदेव उरांव (16 हजार) शामिल हैं। किसी भी पीड़ित का न तो लोन पास कराया गया और न ही रकम लौटाई गई। पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के विवरण खंगालकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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