गुमला में फोरलेन निर्माण स्थल पर गोलीबारी, आजाद सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रेस रिलीज जारी कर ली जिम्मेदारी, निर्माण कंपनियों को दी अंतिम चेतावनी

गुमला। झारखण्ड के गुमला जिले में पलमा-गुमला फोरलेन सड़क निर्माण कार्य से जुड़े इलाके में गोलीबारी की घटना के बाद सनसनी फैल गई है। 24 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे गुमला पॉलिटेक्निक के समीप खटवा नदी के पास निर्माण स्थल पर हुई इस घटना की जिम्मेदारी कथित तौर पर राहुल सिंह गैंग से जुड़े आजाद सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रेस रिलीज जारी कर ली है। घटना के बाद निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और संबंधित एजेंसियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारतमाला परियोजना के खरका ब्रिज निर्माण स्थल पर फायरिंग, तीन नकाबपोस अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम

गुमला मुख्यालय से 5 किमी दूर खटवा नदी के समीप भारतमाला परियोजना के तहत खरका ब्रिज निर्माण स्थल पर शनिवार शाम सात बजे तीन नकाबपोश अपराधियों ने गोलीबारी की। इसमें उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी कर्मी मोहम्मद सलीम घायल हो गए। गोली उनकी जांघ को छूते हुए निकल गई। घटना के बाद उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं,गुमला पुलिस फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है और लगातार पुलिस छापामारी अभियान चला रही है। घटना के बाद से कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

 

इधर,सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रेस रिलीज में आजाद सरकार ने गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संदेश में निर्माण कार्य से जुड़े प्रबंधन को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कामकाज के तरीके को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर जारी इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और गोलीबारी के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

सोशल मीडिया पर प्रेस रिलीज, निर्माण कंपनियों को सीधी चेतावनी

वायरल संदेश में आजाद सरकार ने निर्माण कार्य से जुड़े लोगों और प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे स्थिति को समझें, मामले को मैनेज करें और काम करें। संदेश में यह भी कहा गया है कि यह आखिरी चेतावनी है और इसे गंभीरता से लिया जाए। चेतावनी के साथ अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई है।
इस संदेश के सामने आने के बाद मामला केवल निर्माण स्थल पर हुई गोलीबारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सड़क निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की सुरक्षा का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। गैंग के नाम से जारी संदेश में जिन लोगों और समूहों का उल्लेख किया गया है, उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल सोशल मीडिया पर जारी प्रेस रिलीज में जिम्मेदारी लेने और धमकी देने वाले संदेश ने घटना को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस के लिए अब घटना में शामिल लोगों की पहचान, गोलीबारी के वास्तविक घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर जारी संदेश की सत्यता की जांच अहम होगी। साथ ही यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को किसी प्रकार की धमकी या दबाव दिया जा रहा था या नहीं।

गुमला में सड़क निर्माण स्थल पर गोलीबारी और उसके बाद गैंग के नाम से जारी कथित प्रेस रिलीज ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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