गुमला की अपहृत दो नाबालिग छात्राएं दिल्ली से बरामद, आरोपी गिरफ्तार
गुमला।दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण के मामले में गुमला पुलिस ने समस्तीपुर बिहार के चकमैसी मदनपुर निवासी विकास सिंह को दिल्ली के करोलबाग इलाके के टोडापुर दशघरा से गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने दोनों नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया है।इसकी पुष्टि गुमला एसपी हारिश बिन जमां ने की है।
गिरफ्तार युवक विकास सिंह के खिलाफ अपहरण और अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया है।एसपी हारिश बिन जमां ने बताया कि गुमला से दो नाबालिग छात्रा के गायब होने के मामले में उनके परिजनों ने अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए गुमला थाने में शिकायत की थी। आवेदन मिलने के बाद गुमला थाना में 13 अक्टूबर को बीएनएस की धारा 96 के तहत कांड संख्या 336 दर्ज किया था।
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी।पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम में शामिल पुलिस अवर निरीक्षक गौतम वर्मा, महिला आरक्षी सुचिता डुंगडुंग और परवेज अंसारी ने अनुसंधान शुरू किया। इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीम दिल्ली के करोलबाग स्थित टोडापुर दशघरा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से अपहृत दोनों नाबालिग छात्राओं के साथ एक युवक को हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए युवक ने अपना नाम विकास सिंह बताया. पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पैनकरस ट्रवेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में वर्ष 2013 से काम कर रहा है। वह अपने दोस्त अशोक यादव के कहने पर उसके ससुराल छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला के दुलुदुला करोना गांव गया था। वहां से नौ अक्टूबर को विकास सिंह, अशोक यादव और अविनाश नायक उर्फ अंकित तीनों छत्तीसगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
राँची बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन जाने के लिए एक ऑटो में बैठे। ऑटो में दो लड़की पहले से बैठी हुई थी।दोनों को दिल्ली चलने की बात कही गई तो दोनों तैयार हो गईं।दोनों लड़कियों को अशोक के घर में उसकी पत्नी के साथ रखा गया, लेकिन अशोक ने दोनों लड़कियों को 20 से 30 हजार रुपये का प्रलोभन देकर काम बताया, लेकिन दोनों लड़कियों को काम अच्छा नहीं लगा। इसके बाद दोनों लड़कियों को विकास अपने साथ ले गया। बैचलर को कमरा नहीं मिलने के कारण विकास ने एक नाबालिग लड़की के मांग में सिंदूर भर दिया और पति-पत्नी बनकर एक कमरा लिया और सभी उसी में रहने लगे।

