रामगढ़:सीसीएल प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की वार्ता में बनी सहमति, हादसे में मृत लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मिलेगा मुआवजा..

 

रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले के करमा परियोजना के करमा खुली खदान में अवैध रूप से कोयला खनन करने के दौरान चाल धंसने से 4 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर करमा परियोजना के पीओ कार्यालय के गेट पर शवों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ सीसीएल पदाधिकारी मौके पर पहुंचे थे और ग्रामीणों से वार्ता की थी।लेकिन कई दौर में चली वार्ता विफल रही थी।

एक बार फिर रविवार की अहले सुबह प्रशासन और पुलिस पदाधिकारियों की उपस्थिति में सीसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। जिसमें सीसीएल प्रबंधन ने सभी मृतकों के परिजनों को एक लाख, 70 हजार रुपये मुआवजा और अंचल प्रशासन के द्वारा 30 हजार रुपये मुआवजा के रूप में देने की सहमति बनी।साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि सभी घायलों का इलाज सीसीएल प्रबंधन द्वारा कराया जाएगा. इसके अलावा मृतकों के परिजन के एक-एक सदस्य को आउटसोर्सिंग में रोजगार देने की भी सहमति बनी है।इसके बाद ग्रामीणों का प्रदर्शन खत्म हुआ और कार्यालय के गेट के सामने से शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।

 

आपको बता दें कि 4 जून और पांच जून की दरमियानी रात क्षेत्र के ग्रामीण सीसीएल कुजू क्षेत्र के करमा परियोजना के खुली खादान के अंदर घुस कर अवैध रूप से कोयला का खनन कर रहे थे. इसी क्रम में अवैध खनन कर रहे ग्रामीणों के ऊपर भारी भरकम चट्टान के साथ मलबा (चाल) गिर गया था।जिसमें चार ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई थी और छः ग्रामीण घायल हो गए थे।जिसके बाद ग्रामीण सीसीएल प्रबंधन से मुआवजे की मांग को लेकर तीन शवों को करमा परियोजना के पीओ कार्यालय के गेट पर रख का प्रदर्शन कर रहे थे।18 घंटे से ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग थे।

पूरे मामले में अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि चार लोगों की मौत चाल धंसने के कारण सीसीएल खदान में हो गई थी।ग्रामीण तीन शवों को रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। सीसीएल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई है. घटना सीसीएल लीज होल्ड एरिया में हुई है।पूरे मामले में विस्तृत जांच होगी, तब किसकी लापरवाही है वह सामने आएगी। फिलहाल मुआवजे को लेकर सीसीएल प्रबंधन और पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों के बीच सहमति बन गई है।शवों का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को शव को सौंप दिया जाएगा।

सीसीएल करमा परियोजना की खुली खदान में चाल धंसने की वारदात के बाद सीसीएल प्रबंधन की सुरक्षा की पोल खुल गई है। सीसीएल के अधिकारी पूरे मामले में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।सीसीएल के माइनिंग मैनेजर ने ऑफ कैमरा कहा कि इस तरह कि वारदात लगातार होते रहती है और इससे सीसीएल का कोई लेना-देना नहीं होता है।जिन लोगों की मौत हुई है उनपर और जो कोयला निकालने के लिए आए थे उनपर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

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