राँची के बिरसा मुंडा जैविक उद्यान की ‘मिस्टी’ अब नहीं रही,पश्चिम बंगाल के अलीपुर जू से 26 दिन पहले लायी गई थी..

 

राँची।झारखण्ड के राँची जिले में स्थित बिरसा मुंडा जैविक उद्यान, ओरमांझी में एक जिराफ की मौत हो गई।पश्चिम बंगाल की अलीपुर जू से 08 अगस्त 2025 को लाई गई छह वर्षीय मादा जिराफ मिस्टी की मौत हो गई। बुधवार रात उसकी मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

बिरसा मुंडा जैविक उद्यान के चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश ने बताया कि उन्हें बुधवार की आधी रात के करीब यह जानकारी मिली कि मिस्टी अचानक जमीन पर गिरी हुई है। आनन-फानन में जब वह बिरसा मुंडा जैविक उद्यान पहुंचे तब तक जिराफ मिस्टी की मौत हो चुकी थी।

जू के चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश साहू ने बताया कि मृत मादा जिराफ का पोस्टमार्टम राँची वेटनरी कॉलेज के चिकित्सक डॉ एन के गुप्ता और प्रज्ञा लकड़ा ने किया है।डॉ ओम प्रकाश साहू ने कहा कि मृत मादा जिराफ के महत्वपूर्ण अंगों को जांच के लिए IVRI, इज्जतनगर, बरेली भी भेजा जाएगा।उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह की जानकारी हो पाएगी।उन्होंने बताया कि मिस्टी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

बता दें पश्चिम बंगाल के अलीपुर जू से 6 साल की मादा जिराफ और सिल्वर फिजेंट का एक जोड़ा 08 अगस्त 2025 को राँची के बिरसा मुंडा जू लाया गया था। मादा जिराफ का नाम मिस्टी रखा गया था।मिस्टी करीब 6 साल की थी।चिड़ियाघर में जिराफ का औसत जीवनकाल 18 से 20 साल और प्राकृतिक आवास में 15 से 17 साल तक होता है।डॉ ओम प्रकाश ने बताया कि एक जोड़ा हिमालयन भालू और एक जोड़ा घड़ियाल के बदले के एक्सचेंज योजना के तहत राँची जू को जिराफ मिला था।उसकी अचानक हुई मौत से पूरा जू परिवार मायूस है।

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