बच्चों को स्कूल छोड़कर घर आए फिर बैंक कर्मी ने फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या…
सरायकेला।झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिला के नगर क्षेत्र से एक विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां निजी बैंक में कार्यरत एक 46 वर्षीय आउटसोर्सिंग कर्मचारी आलोक परिहारी ने अपने घर पर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।शुरुआती जांच और मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट से यह स्पष्ट हो रहा है कि वह बैंक द्वारा दिए गए काम के दबाव और लक्ष्यों को पूरा न कर पाने के कारण गहरे अवसाद में थे।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह लगभग 9:00 बजे की है। बैंक कर्मी आलोक परिहारी टांगरानी गांव के निवासी थे। हर रोज की तरह वह सुबह करीब 8:30 बजे अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए सरायकेला बाजार आए थे।बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने के बाद वे घर लौटे और कमरे में जाकर अपनी जान दे दी। जब तक परिजनों को इस बात की जानकारी हुई तब तक काफी देर हो चुकी थी।
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।इस पत्र में आलोक ने बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि बैंक द्वारा लगातार उन पर ‘टारगेट’ पूरा करने का मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। इस भारी दबाव के कारण वह पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में थे और अंततः उन्होंने यह कठोर निर्णय लिया।
सरायकेला पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुसाइड नोट की जांच कर रही है और बैंक प्रबंधन के संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच के बाद ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

