तमिलनाडु सीआईडी की टीम का गिरिडीह में छापा, जमुआ से गिरफ्तार हुआ ठगी आरोपी…

 

 

गिरिडीह।झारखण्ड के गिरिडीह जिले के जमुआ से करोड़ों रुपए के कथित घोटाले के एक आरोपी को तमिलनाडु सीआईडी की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गुलशन दराद जमुआ थाना क्षेत्र के मिर्जागंज का रहने वाला है। तमिलनाडु सीआईडी की टीम ने मिर्जागंज स्थित उसके आवास पर छापेमारी कर हिरासत में लिया और ट्रांजिट रिमांड पर उसे साथ लेकर कोयंबटूर रवाना हो गई।इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार गुलशन दराद और उसके 5–6 सहयोगी के खिलाफ कोयंबटूर में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला दर्ज किया गया था। जो जानकारी मिली है उसके अनुसार गुलशन कोयंबटूर में एक टूरिज्म कंपनी चलाता था। जनवरी 2026 में उसके विरुद्ध कोयंबटूर में मामला दर्ज हुआ था। जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।

इस मामले को लेकर तमिलनाडु पुलिस गुलशन की तलाश कर रही थी। इसी कड़ी में मंगलवार को तमिलनाडु सीआईडी की टीम गिरिडीह पहुंची। यहां के बाद टीम जमुआ पहुंची। तमिलनाडु सीआईडी ने जमुआ पुलिस को बताया कि गुलशन और उसके आधा दर्जन सहयोगियों के खिलाफ कृष्णागिरी में मामला दर्ज है। इसकी जानकारी गिरिडीह एसपी को भी दी गई।

जानकारी के बाद एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश के बाद जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव की टीम कोयंबटूर पुलिस को लेकर गुलशन के घर पर पहुंची और यहीं से गुलशन को गिरफ्तार किया गया। इधर आरोपी के परिजनों के अनुसार गुलशन लंबे समय से पर्यटन व्यवसाय से जुड़ा है।उसे साजिश के तहत फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की गहन जांच पड़ताल में जुटी हुई है।

इस मामले में जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव ने आरोपी के गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कोयंबटूर (तमिलनाडु) से सीआईडी की टीम पहुंची थी।आरोपी के खिलाफ कोयंबटूर में बड़ी रकम के घोटाले का मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद सीआईडी की टीम उसे अपने साथ ले कर गई है।

बताया जा रहा है कि यह घोटाला करीब 9600 करोड़ रुपये से जुड़ा है, जिसे हाल के वर्षों का बड़ा वित्तीय अपराध माना जा रहा है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा धन का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया। सीबी-सीआईडी की ओर से अब आरोपी के डिजिटल दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जांच की एक कड़ी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं. अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अगर पूछताछ में और नाम सामने आते हैं, तो और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल घोटाले को लेकर झारखंड और तमिलनाडु दोनों राज्यों में हलचल है. जांच एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही हैं।

 

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