जिनका कोई नहीं था, उनके लिए मुक्ति संस्था बनी अपना: 43 लावारिस शवों का किया सामूहिक अंतिम संस्कार
राँची। जिन 43 शवों का कोई अपना नहीं था, जिनकी पहचान तक नहीं हो सकी, रविवार को उन्हें भी पूरे
Read moreराँची। जिन 43 शवों का कोई अपना नहीं था, जिनकी पहचान तक नहीं हो सकी, रविवार को उन्हें भी पूरे
Read moreराँची।राजधानी राँची में मानवता और सेवा की एक और मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है। आज, रविवार को ‘मुक्ति संस्था’ द्वारा
Read moreराँची।राँची के जुमार नदी के तट पर रविवार को मुक्ति संस्था द्वारा 31 अज्ञात शवों का सामूहिक दाह संस्कार
Read moreराँची।आज दिनांक 14/09/ 2025 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 30 अज्ञात शवों का
Read moreराँची।आज दिनांक 08/09/ 2024 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 44 अज्ञात शवों का
Read moreराँची।आज दिनांक 02/06/ 2024 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 31 अज्ञात शवों का
Read moreराँची।आज दिनांक 07/04/ 2024 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 43 अज्ञात शवों का
Read moreराँची।आज दिनांक 07/01/ 2024 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 25 अज्ञात शवों का
Read moreराँची।आज दिनांक 08/10/ 2023 दिन रविवार को मुक्ति संस्था,राँची के द्वारा जुमार नदी के तट पर 35 अज्ञात शवों का
Read moreराँची।आज दिनांक 06/8/ 2023 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर रिम्स में पड़े 21
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