इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट के छात्र बने लुटेरे, कई कारोबारियों को बनाया शिकार

 

धनबाद।झारखण्ड के धनबाद पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र शामिल है।इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट के छात्र चोरी और डकैती कर रही हैं।ऐसे अपराधी पुलिस ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय हैं।बताया जाता है कि जोड़ापोखर थाना क्षेत्र में बीते 6 अगस्त को ठगी और लूट की घटना घटी थी। मामले में पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है, उसे जानकर हैरान होना लाजिमी है।क्योंकि आपराधिक घटना को अंजाम देने वाले में दो इंजीनियरिंग और एक एमबीए का छात्र है। इसके साथ ही एक अन्य अपराधी की भी गिरफ्तारी हुई है।पुलिस ने इन अपराधियों के पास से लूटी गई स्कॉर्पियो समेत कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।

एसडीपीओ ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर निवासी दीपक मिश्रा से लूट व ठगी हुई थी।उन्हें हार्डकोक कोयला का सैंपल देने के बहाने धनबाद बुलाया गया था।बाद में उन्हें भौरा स्थित काली मेला मैदान ले जाकर डराया-धमकाया गया और उनके मोबाइल से पांच लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए. इतना ही नहीं उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी भी अपराधियों ने लूट ली।

इस संबंध में जोड़ापोखर थाना में मामला दर्ज कराया गया था। घटना के बाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर पुलिस की गठित विशेष टीम ने सात सितंबर की रात गोविंदपुर थाना क्षेत्र के सुभाष कॉलोनी से स्कॉर्पियो बरामद की है।साथ ही चार आरोपियों को धर दबोचा।

सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम ने बताया कि चाईबासा के दिलीप मिश्रा से पिछले दिनों हुए लुटकांड घटना में शामिल चार आरोपियों संतोष कुमार सरकार, सुरजीत गोस्वामी, दिलीप कुमार यादव उर्फ बब्लू और अखिल कुमार को गिरफ्तार किया गया हैं।इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

इनमें से दिलीप यादव का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर पूर्व में हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।लूट कांड में शामिल अपराधी संतोष कुमार सरकार और सुरजीत गोस्वामी दोनों इंजीनियरिंग के छात्र हैं। जबकि अखिल कुमार एमबीए कर रखा है।

एसडीपीओ ने बताया कि छापेमारी के दौरान स्कॉर्पियो गाड़ी के अलावा चार मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा फीनो बैंक का फर्जी एटीएम कार्ड भी बरामद किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि इसी फर्जी एटीएम और सिम कार्ड से पीड़ित के खाते से पच्चीस हजार रुपये की निकासी की गई थी।

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