Ranchi:जेपीएससी कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, 2024 की वैकेंसी में उम्र सीमा में छूट की मांग..
राँची।झारखण्ड लोक सेवा आयोग (JPSC) कार्यालय के बाहर सोमवार को सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करते नजर आए।प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग वर्ष 2024 की वैकेंसी में संशोधन और आयु सीमा में छूट दिए जाने को लेकर है।अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान नियमों के कारण बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार प्रतियोगिता से बाहर हो रहे हैं, जो न्यायसंगत नहीं है।प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को रखा। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभिन्न कारणों से बीते वर्षों में परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो सकीं। जिससे कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं।ऐसे में 2024 की वैकेंसी में आयु सीमा में विशेष छूट दी जानी चाहिए, ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि वैकेंसी से जुड़े नियमों और शर्तों में समय-समय पर बदलाव किए गए, लेकिन उम्मीदवारों के हित में ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण संशोधन की मांग को लेकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल अपनी जायज मांगों को आयोग और सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए JPSC कार्यालय के बाहर प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप दे सकते हैं।वहीं प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थियों की मांगों को संबंधित विभाग और आयोग तक पहुंचाया जाएगा।साथ ही नियमों के दायरे में रहकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।फिलहाल JPSC कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है। अब सभी की निगाहें आयोग और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर क्या फैसला लेते हैं।

