राँची पुलिस ने रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाला नक्सली को किया गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

 

राँची।जिले के मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के एक नक्सली सलमान को पुलिस ने लोडेड देसी कट्टा और जिंदा गोली के साथ गिरफ्तार किया है। चतरा जिले से सटे राँची बार्डर पर सलमान के द्वारा दहशत फैलाने के लिए 16 दिसंबर को फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था।राँची पुलिस के द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 16 दिसंबर को खलारी क्षेत्र में लेवी के लिए की गई फायरिंग की घटना के बाद चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान की गई।पुलिस के अनुसार 16 दिसंबर 2025 को चतरा जिला की सीमा से सटे खलारी क्षेत्र में उग्रवादियों ने कोयला कारोबारियों और ईंट-भट्ठा मालिकों के बीच दहशत फैलाने तथा लेवी वसूली के उद्देश्य से फायरिंग की थी।इस घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। जिसमें खलारी और मैक्लुस्कीगंज थाना के पदाधिकारियों एवं सशस्त्र बल के जवानों को शामिल किया गया। अभियान के क्रम में 18 दिसंबर की रात छापामारी दल को गुप्त सूचना मिली कि टीएसपीसी सीमांत जोन पिपवार–खलारी–बुढ़मू के सब-जोनल कमांडर आदिल अंसारी उर्फ देवाजी के दस्ते के सदस्य मोटरसाइकिल से धमधमिया क्षेत्र में लेवी वसूली के लिए आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने धमधमिया के जंगली इलाके में एंबुश लगाकर घेराबंदी की और एक उग्रवादी को हथियार के साथ दबोच लिया, जबकि घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर दो अन्य उग्रवादी फरार हो गए।गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान सलमान खान (पिता- जहिर खान, सा० जी टाइप, थाना खलारी, जिला राँची) के रूप में की गई है, जो प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर आदिल अंसारी उर्फ देवाजी के दस्ते का सक्रिय सदस्य है।सलमान खान ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे लोग क्षेत्र के ठेकेदारों, कोयला कारोबारियों और ईंट-भट्ठा मालिकों से रंगदारी वसूली में शामिल रहते हैं।पुलिस ने गिरफ्तार उग्रवादी के पास से एक लोडेड देसी कट्टा, 8 एमएम का एक जिंदा कारतूस, टच स्क्रीन मोबाइल फोन तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस के अनुसार भागे हुए दोनों अन्य उग्रवादियों की पहचान कर ली गई है और उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है।बता दें कि खलारी फायरिंग कांड की जिम्मेदारी पहले ही टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर देवाजी द्वारा ली जा चुकी है। इसलिए इस नए केस को भी उसी घटना से जोड़कर जांच की जा रही है। संगठन से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।

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