राँची पुलिस को फिर मिली बड़ी सफलता:दो महीने से लापता ओरमांझी के कन्हैया को कोडरमा से किया बरामद
राँची।राँची के एसएसपी राकेश रंजन के द्वारा गठित राँची पुलिस की स्पेशल टीम ने 61 दिनों से लापता ओरमांझी के कन्हैया को कोडरमा से सकुशल बरामद कर लिया है।राँची जिले के ओरमांझी से लापता 12 साल के कन्हैया कुमार की सकुशल बरामदगी के लिए राँची पुलिस की एसआईटी सात राज्यों में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान राँची एसएसपी राकेश रंजन को सूचना मिली कि बच्चे को कोडरमा में छिपाकर रखा गया है।जिसके बाद राँची पुलिस की टीम ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।एसएसपी राकेश रंजन खुद पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे थे।बच्चे को कोडरमा से राँची लाया जा रहा है।राँची में कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
कोडरमा के चंदवारा इलाके से कन्हैया कुमार को सकुशल बरामद किया गया है।राँची पुलिस ने चंदवारा के थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया गया था।पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने इस बात को कन्फर्म किया है।
कई राज्यों में फैला है जांच का दायरा
कन्हैया के लापता होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रखा।राँची के सिल्ली थाना क्षेत्र के टूटकी गांव, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, पलामू के अलावा बिहार के औरंगाबाद, राजस्थान के जयपुर, महाराष्ट्र के मुंबई, पश्चिम बंगाल और दिल्ली तक संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई।पुलिस को शक है कि इस मामले के तार अंतरराज्यीय मानव तस्कर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
यूपी के मिर्जापुर गिरोह से जुड़ते दिखे तार
जांच में सामने आया है कि यूपी के मिर्जापुर मानव तस्कर गैंग का कनेक्शन कन्हैया के मामले में भी जुड़ता नजर आ रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी गिरोह का नाम धुर्वा से गायब हुए अंश-अंशिका मामले में भी सामने आया था।उस केस में हुई गिरफ्तारी और पूछताछ के आधार पर पुलिस को कन्हैया के बारे में भी अहम सुराग मिले, जिसके बाद जांच की दिशा और तेज की गई।
सिल्ली और रामगढ़ में कई लोगों से पूछताछ
कन्हैया की तलाश के दौरान सिल्ली थाना क्षेत्र के टूटकी गांव से पांच-छह गुलगुलिया परिवार के लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।इसके अलावा रामगढ़ इलाके में भी कई संदिग्धों से पूछताछ हुई. पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध है, जो तस्करों के लिए संपर्क सूत्र का काम कर रहे थे।
ओरमांझी इलाके के रहने वाले कन्हैया कुमार का है,जो 22
नवंबर 2025 की शाम से लापता था।कन्हैया की माँ ने बताया कि वह ओरमांझी ब्लॉक चौक के समीप एसएस प्लस-टू उच्च विद्यालय में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था।वहां से लौटकर वह ओरमांझी ब्लॉक चौक से कुच्चू जाने वाले रास्ते में ममता मार्केट के पास पहुंचा, जहां मैं सड़क किनारे फुचका बेचती हूं।दुकान पर आने के बाद उसने खुद से चाट बनाया और मुझे भी खाने के लिए दिया।चाट खाने के बाद वह यह कहते हुए गया कि माँ थोड़ी देर में वापस आता हूं,लेकिन इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला था। महिला का बड़ा बेटा कृष्णा कुमार 19 साल का है।उसकी एक किडनी खराब है।उससे छोटी बेटी शिवानी कुमारी है। पति अर्जुन साव हैं, लेकिन शारीरिक तौर पर सक्षम नहीं हैं। कन्हैया ही था, जो कक्षा तीन में पढ़ाई करता था और शाम में वह फुचका दुकान में हाथ भी बंटाता था।
बता दें राँची पुलिस ने एक ऐसे खूंखार और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बच्चों का अपहरण कर उन्हें भीख मंगवाने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे घिनौने दलदल में धकेलता था। सीएम हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम ने कार्रवाई करते हुए हुए इस गिरोह के जाल को ध्वस्त कर दिया है। और 15 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें विरोधी खेरवार, एंथोनी खरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज रवानी, नव खरवार, सोनी कुमारी, चांदनी देवी, सीता देवी, दिनू भुइयां, संन्यासी खेरवार, मालिन देवी, बेबी देवी, सोनिया देवी और उपैया खरवार शामिल है।एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविवार को पूरे मामले का खुलासा किया था।

